IPL समाचार : संजू सैमसन और कार्तिक शर्मा के बीच हुई शतकीय साझेदारी के दम पर चेन्नई सुपर किंग्स ने मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में मेजबान दिल्ली कैपिटल्स को आठ विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने संघर्ष करते हुए 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 155 रन बनाए थे। चेन्नई ने 17.3 ओवरों में दो विकेट खोकर ये टारगेट हासिल कर लिया।
ये चेन्नई की लगातार दूसरी जीत है। उसने इससे पहले मुंबई इंडियंस को हराया था। इस जीत से पांच बार की चैंपियन ने अपने आप को प्लेऑफ की रेस में आगे कर दिया। संजू ने नाबाद 87 रन बनाए। इसके लिए उन्होंने 52 गेंदों का सामना किया और सात चौकों के अलावा छह छक्के मारे। कार्तिक के साथ मिलकर उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 114 रन जोड़े।

धीमी रही शुरुआत
चेन्नई को तेज शुरुआत नहीं मिली। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन को दिल्ली के गेंदबाजों ने बांधे रखा। चौथे ओवर में गायकवाड़ 13 गेंदों पर छह रन बनाकर आउट हो गए। ओवर की पांचवीं गेंद पर लुंगी एंगिडी ने उनका शिकार किया। उनके बाद आए उर्विल पटेल ने कुछ अच्छे हाथ दिखाए और छठे ओवर में दो छक्के मारे, लेकिन अगले ओवर में वह अक्षर पटेल की गेंद पर स्टम्प हो गए। उन्होंने नौ गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 17 रन बनाए।

यहां से चेन्नई दबाव में आ गई थी। उसकी पूरी उम्मीदें संजू सैमसन पर टिकी थीं। संजू अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे और कार्तिक शर्मा उनका साथ दे रहे थे. संजू जानते थे कि उनका विकेट पर रहना काफी जरूरी है और वह इसी तरह से खेल भी रहे थे। संजू ने 12वें ओवर में कुलदीप यादव को आड़े हाथों लिया ओर दो छक्कों सहित एक चौका मारा। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर एक रन लेकर संजू ने अपना अर्धशतक पूरा किया। यहां से संजू रूके नहीं। उन्होंने टी नटराजन को भी लपेटा और उनके द्वारा फेंके गए 15वें ओवर में दो छक्के और एक चौका मारा।
यहां से फिर संजू रुके नहीं और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे। इसमें कार्तिक शर्मा ने भी उनका बखूबी साथ दिया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने संजू के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की और 41 रन बनाकर नाबाद रहे। इस युवा बल्लेबाज ने अपनी पारी में 31 गेंदों का सामना कर चार चौके और दो छक्के मारे।
दबाव में दिखी दिल्ली
पिछली बार दिल्ली की टीम जब अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में खेली थी तो आरसीबी के सामने उसकी बल्लेबाजी ढह गई थी। दिल्ली की टीम केवल 76 रन ही बना सकी थी और एक समय उसने केवल आठ रन पर छह विकेट गंवा दिए थे। मंगलवार को जब दिल्ली कैपिटल्स घरेलू मैदान पर जब चेन्नई के सामने उतरी तो उसके बल्लेबाज बहुत संभलकर खेलते दिखे और इसी चक्कर में विकेट भी गंवाते चले गए।
चेन्नई के गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया और दिल्ली की टीम सात विकेट पर 155 रन ही बना सकी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का कप्तान अक्षर पटेल का फैसला भी टीम के लिए भारी पड़ता दिखा। अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर लक्ष्य का पीछा करना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है, लेकिन दिल्ली की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई।
ओपनिंग जोड़ी ने किया निराश
राजस्थान के विरुद्ध अर्धशतकीय पारियां खेलने वाले केएल राहुल और पाथुम निसंका की जोड़ी ने सतर्क शुरुआत की, लेकिन पिछली हार का दबाव साफ नजर आया। दोनों बल्लेबाज खुलकर शॉट खेलने से बचते दिखे और रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। इसी दबाव में निसंका (12) चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर मुकेश चौधरी का शिकार बने, जबकि पावरप्ले के अंतिम ओवर में केएल राहुल (19) अकील हुसैन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गायकवाड़ को कैच थमा बैठे। छह ओवर के बाद दिल्ली का स्कोर दो विकेट पर केवल 37 रन था।
नहीं बढ़ी रन गति
पावरप्ले के बाद भी रन गति नहीं बढ़ सकी और 11 ओवर तक टीम ने 69 रन पर अपने पांच विकेट गंवा दिए। करुण नायर (13) और नीतीश राणा (15) भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, जिससे मध्यक्रम पूरी तरह बिखर गया। चेन्नई के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए दिल्ली के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। मुकेश चौधरी, अकील हुसैन और नूर अहमद ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ लगातार दबाव बनाए रखा।
नूर अहमद ने मध्यक्रम को झकझोरते हुए दो अहम विकेट चटकाए, जबकि गुरजपनीत ने कप्तान अक्षर पटेल को आउट कर दिल्ली की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। हालांकि अंत के ओवरों में ट्रिस्टन स्टब्स (38) और इम्पैक्ट प्लेयर समीर रिजवी (40) ने पारी को संभालने की कोशिश की। वहीं स्टब्स का विकेट लेकर आवर्टन ने उनकी पारी का अंत किया। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए छठे विकेट के लिए 65 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
अंतिम ओवर में आशुतोष के दो छक्कों ने टीम को 150 के पार पहुंचाया। उनकी इस पारी की बदौलत दिल्ली 20 ओवर में 155 रन बनाने में सफल रही।लगातार तीन घरेलू मुकाबले हारने के बाद उतरी दिल्ली की टीम के लिए यह मैच करो या मरो जैसा था, लेकिन बल्लेबाजी की कमजोर शुरुआत और गलत रणनीति ने उसकी राह और मुश्किल बना दी। अब गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस स्कोर का बचाव कर टीम को मुकाबले में बनाए रखें।




