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नागपुर समाचार : नगर परिषदें जलापूर्ति योजनाओं को दें प्राथमिकता – राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले

नगराध्यक्षों को दिए विकास कार्यों के पांच सूत्र, तकनीकी कार्य महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को सौंपने की सलाह

नागपुर समाचार : बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में नागरिकों तक बेहतर मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना नगर परिषद और नगर पालिका प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। भविष्य में संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए नगर परिषदों को जल आपूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता के साथ साकार करने की आवश्यकता है। यह बात राज्य के राजस्व मंत्री एवं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कही। वे नियोजन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। बैठक में नगरपालिका प्रशासन, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत जल आपूर्ति योजनाओं की कार्यक्षगता, स्वास्थ्य सेवाएं, धापेवाड़ा देवस्थान विकास सहित अन्य विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर उन्होंने नगराध्यक्षों को विकास कार्यों की ‘पंचसूत्री’ बताते हुए कहा कि जल आपूर्ति एवं सुधार, आवश्यकता अनुसार लघु योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, ठोस कचरा प्रबंधन तथा सौर ऊर्जा आधारित स्वावलंबी विद्युत व्यवस्था जैसे विषयों को हमेशा प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगराध्यक्ष अपने क्षेत्र के प्रथम नागरिक होते हैं, इसलिए जनता द्वारा जताए गए विश्वास को सार्थक करने के लिए इन मूलभूत जरूरतों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

बावनकुले ने यह भी कहा कि कई नगर परिषदों के पास तकनीकी और अभियांत्रिकी क्षमता का अभाव है, ऐसे में जल आपूर्ति सहित जटिल परियोजनाओं को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को सौंपना अधिक प्रभावी रहेगा, जिससे योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, विभिन्न नगर परिषदों के नव नियुक्त नगराध्यक्ष, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के मुख्य अभियंता सुभाष भुजबल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान बावनकुले ने पट्टेवाटप (जमीन पट्टा वितरण) के मुद्दे पर भी निर्देश देते हुए कहा कि अब इसका अधिकार उपविभागीय अधिकारियों को दिया गया है। नगर परिषद क्षेत्र में यदि पट्टों का वितरण लंबित है, तो नगराध्यक्ष पहल कर इसे पूरा करें, ताकि आम नागरिकों को अपने घर का स्वामित्व अधिकार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को उसके नाम का स्वामित्व प्रमाण पत्र दिलाना नगराध्यक्षों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इससे बड़ा जनहित का कार्य कोई नहीं हो सकता।

मजीप्रा के माध्यम से ही पूरी हों जल योजनाएं

नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों द्वारा संचालित जल आपूर्ति योजनाओं में तकनीकी कमियों को देखते हुए राज्य के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बड़ी जल योजनाओं को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के माध्यम से ही पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर परिषदों के पास आवश्यक अभियांत्रिकी और कुशल मानव संसाधन की कमी के कारण कई योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाई हैं, जिससे नागरिकों को पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि जनकल्याण के दृष्टिकोण से जल योजनाओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए इन्हें महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण को सौंपना जरूरी है। कई नगर परिषदों द्वारा स्वयं के स्तर पर लागू की गई योजनाएं सफल नहीं रही हैं, यह एक गंभीर वास्तविकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शुरू हुआ गर्मी का मौसम कई क्षेत्रों में जल संकट को और गंभीर बना सकता है, विशेष रूप से काटोल और नरखेड तालुका में भूजल स्तर में गिरावट चिंताजनक है। इस स्थिति से निपटने के लिए सभी मुख्य अधिकारियों को सार्वजनिक, बोरवेल और निजी जल स्रोतों की जानकारी एकत्र कर अग्रिम योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्मी के दौरान जल संकट उत्पन्न न हो।