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मुंबई : मुख्यमंत्री आवास और कर्मचारियों के लिए आवंटित बंगले का नहीं है पानी बिल बकाया

मुंबई : मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी आवास वर्षा और उनके कर्मचारियों के लिए आवंटित बंगले तोरणा पर पानी का बिल बकाया होने और दोनों को डिफाल्टर घोषित करने से जुड़ी खबरों को मुंबई महानगर पालिका ने निराधार बताया है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है कि दोनों बंगलों पर किसी तरह का पानी का बिल बकाया नहीं है। मुंबई महानगर पालिका के जलापूर्ति विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में किसी भी तरह के बकाए से इनकार किया है।

हालांकि मुंबई महानगर पालिका की वेबसाइट से जानकारी हासिल कर बकाए का दावा करने वाले आरटीआई कार्यकर्ता शकील शेख ने कहा कि उनके खुलासे के बाद बिल भरा गया है और बकाए की सूची जिस वेबसाइट पर है उसे डाउन कर दिया गया है और फिलहाल यह खुल नहीं रही है। शेख ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री, मंत्रियों समेत अन्य सरकारी आवासों पर 24 लाख 56 हजार 469 रुपए का पानी का बिल बकाया है। इनमें से 7 लाख 44 हजार 981 रुपए का पानी का बिल मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के आवासों पर बाकी है। शेख ने बीएमसी की वेबसाइट से जो जानकारी हासिल की थी उसके मुताबिक वर्षा पर 24 हजार 916 रुपए, तोरणा पर 3803 रुपए, वित्तमंत्री व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बंगले देवगिरी पर 1 लाख 35 हजार 300 रुपए, जयंत पाटील के बंगले सेवा सदन पर 1 लाख 15 हजार 288 रुपए, उर्जा मंत्री नितिन राऊत के बंगले पर्णकुटी पर 1 लाख 15 हजार 288 रुपए, राजस्वमंत्री बालासाहेब थोरात के बंगले रायलस्टोन पर 17 हजार 779, अशोक चव्हाण के बंगले मेघदूत पर 1 लाख 11 हजार 5 रुपए बकाया था। इसके अलावा भी कई मंत्रियों, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस, सह्याद्री अतिथिगृह पर भी लाखों रुपयों का पानी का बिल बकाया है। 

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