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नागपूर समाचार : ‘विद्यार्थी-दृष्टि’ त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन सम्पन्न

रा.तु.म. नागपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग का सृजनात्मक उपक्रम  

नागपुर समाचार : हिन्दी विभाग, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित ‘विद्यार्थी-दृष्टि’ त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन आज विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु प्रो. संजय दुधे के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. दुधे ने कहा कि हम समाज के दर्पण हैं। हमारा जैसा व्यवहार होता है वैसा ही समाज में वातावरण बनता है। इस समाज को हम कैसा देखना चाहते हैं, यह हम पर निर्भर है। अपने समाज को बेहतर और रचनात्मक बनाना हम सबका दायित्व है। 

विद्यार्थी समाज के सबसे सजग प्रहरी होते हैं, उनके ऊपर समाज को दिशा देने का दायित्व होता है। उनकी रचनात्मक सोच ही समाज को क्रियाशील और उन्नत बना सकती है। विद्यार्थियों की दृष्टि समुन्नत समाज के निर्माण के लिए सबसे अधिक जरूरी होती है। निश्चित रूप से हिन्दी विभाग के इस अभिनव प्रयास के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मक चेतना का विकास होगा। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. दत्तात्रेय वाटमोडे ने कहा कि ‘विद्यार्थी-दृष्टि’ विद्यार्थियों के विचारों की अभिव्यक्ति का उत्तम माध्यम है। जिस भाषा में हम सीखते हैं उसी भाषा में हमें अभिव्यक्त होना चाहिए। विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच के विकास से ही हम उन्हें जिम्मेदार नागरिक बना सकते हैं। यह जरूरी है कि विद्यार्थियों की अभिरुचि का विकास हो और वे लेखनी में दक्षता हासिल करें। 

इससे पूर्व कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय ने कहा कि विद्यार्थियों में क्षमता और प्रतिभा दोनों होती है। पर उन्हें अपने विचारों को साझा करने के लिए अवसर नहीं मिल पाता। विद्यार्थी जीवन में हर कोई कुछ-न-कुछ लिखता है। ‘विद्यार्थी-दृष्टि’ का प्रारम्भ कर हिन्दी विभाग ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को विकसित करने का प्रयास किया है। इस सृजनात्मक उपक्रम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के साथ ही लिखने की प्रेरणा भी मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विद्यार्थियों के रचनात्मक लेखन कौशल को विकसित करने में इससे मदद मिलेगी। 

इस अवसर पर आभार प्रदर्शन करते हुए सहायक प्रोफेसर डॉ. संतोष गिरहे ने कहा कि ‘विद्यार्थी- दृष्टि’ के प्रकाशन से पाठ्यक्रम के साथ-साथ विद्यार्थियों में रचनात्मक चेतना का विकास होगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमित सिंह ने किया। कार्यक्रम में विभाग के अनेक विद्यार्थीयों सहित अंग्रेजी और उर्दू विभाग के प्राध्यापक गण भी प्रमुखता से उपस्थित रहे।

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