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नागपूर समाचार : OCW से हटाए गए 95 कंत्राटी कर्मचारियों को 4 दिनों में काम पर लेने के महापौर के निर्देश

नागपुर समाचार : ओसीडब्ल्यू में कार्यरत 95 कंत्राटी मीटर रीडर कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के मामले को लेकर आज मनपा मुख्य सभागृह में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय महापौर सौ. नीताताई ठाकरे एवं माननीय विधायक प्रवीण दटके के पहल पर आयोजित की गई।

विस्तृत जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 से ओसीडब्ल्यू प्रशासन द्वारा अचानक और अन्यायपूर्ण तरीके से नागपुर महानगरपालिका अंतर्गत कार्यरत कंत्राटी मीटर रीडर कर्मचारियों को काम से निकाल दिया गया। इन कर्मचारियों ने केवल न्यूनतम वेतन के अनुसार वेतन की मांग भारतीय मजदूर संघ के माध्यम से अप्पर कामगार आयुक्त के समक्ष की थी। इसके बाद से ओसीडब्ल्यू प्रशासन द्वारा उनका लगातार उत्पीड़न किया गया तथा ठेकेदार का अनुबंध रद्द कर कर्मचारियों को बेरोजगार कर दिया गया।

इस कार्रवाई के कारण कर्मचारियों के परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कई बार निवेदन करने के बावजूद भी कर्मचारियों को पुनः काम पर नहीं लिया गया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 22 अप्रैल से मनपा कार्यालय के सामने परिवार सहित आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी।

इस नोटिस को गंभीरता से लेते हुए विधायक प्रवीण दटके ने महापौर को तत्काल बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। उसी के अनुसार आज यह बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महापौर सौ. नीताताई ठाकरे, मनपा आयुक्त डॉ. बिपिन इटनकर, उपमहापौर, स्थायी समिति सभापति, सत्तापक्ष नेता, कामगार आयुक्त किशोर दहिफळकर, सहायक आयुक्त उमेश लोया, कामगार नेता ओमप्रकाश यादव, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री गजानन गटलेवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में विधायक प्रवीण दटके ने आक्रामक भूमिका अपनाते हुए कहा कि सभी 95 कर्मचारियों को तत्काल काम पर लिया जाए, अन्यथा ओसीडब्ल्यू के किसी भी बिल को मंजूरी न दी जाए।

विस्तृत चर्चा के बाद महापौर ने निर्देश दिया कि अगले 4 दिनों के भीतर सभी 95 कर्मचारियों को पुनः काम पर लिया जाए। अन्यथा मनपा द्वारा ओसीडब्ल्यू के किसी भी भुगतान को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इसके लिए पाणीपुरवठा विभाग की मुख्य अभियंता श्वेता बनर्जी एवं कार्यकारी अभियंता श्री वायकर को भी निर्देश दिए गए हैं।

इस बैठक के बाद कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि उन्हें पुनः रोजगार मिलेगा। साथ ही विधायक प्रवीण दटके ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को काम पर नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। भारतीय मजदूर संघ द्वारा भी पूर्व में आंदोलन की नोटिस दी जा चुकी है।