नागपुर समाचार : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नगरसेवकों से अपने-अपने वार्ड में दुर्घटना मुक्त वातावरण बनाने के लिए सक्रिय पहल करने और पूरे शहर को दुर्घटना मुक्त बनाने हेतु ठोस प्रयास करने की अपील की है। गडकरी ‘जन आक्रोश फॉर बेटर टुमारो’ नामक सामाजिक संस्था के १४वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने नगरसेवकों का सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर मार्गदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नगरसेवक अपने क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं। साथ ही जेब्रा क्रॉसिंग, रेड सिग्नल और पीली बत्तियों के प्रभावी अमल पर जनजागृति भी करें। विशेष रूप से स्कूलों के आसपास यातायात नियंत्रण और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जन-जागरूकता से बचाई जा सकती है जान उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं गंभीर समस्या हैं। दुर्घटनाग्रस्तों की मदद करने वालों को केंद्र सरकार द्वारा २५ हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाता है। इसके अलावा दुर्घटना के बाद पहले ७ दिनों का उपचार खर्च भी सरकार वहन करती है। सही जन जागरूकता से हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
इस अवसर पर रवींद्र कासखेडीकर ने मांग की कि ‘जन आक्रोश’ संस्था और नगरसेवकों की बैठक हर २ महीने में महापौर द्वारा आयोजित की जाए। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित नगरसेवकों का सम्मान भी किया गया। संचालन मिलिंद रहाटगांवकर ने किया। सफलतार्थ संजय डबली, दत्तात्रेय कुलकर्णी, भूपेश मेहर, ज्ञानेश्वर पाहुणे, संजय वझलवार ने सहकार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नगरसेवकों से अपने वार्ड की समस्याएं बताई। इसमें झेंडा चौक पर अतिक्रमण, दुर्घटना संभावित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर की बजाय ब्लिंकिंग लाइट लगाने की जरूरत, स्कूलों के सामने सुरक्षा उपाय, निजी बसों से होने वाली परेशानी, वायु सेना दाभा रोड की समस्याएं आदि मुद्दे उठाए गए। गडकरी ने सुझाव दिया कि महापौर एक समिति बनाकर इन समस्याओं का ठोस समाधान करें और बजट में आवश्यक सुधार कार्यों के लिए प्रावधान किया जाए।




