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निधि होंगी तो ही विकास संभव, खर्रा की प्राथमिकता करनी पड़ेगी तय : मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी

नागपुर : मनपा में आयुक्त का पदभार स्वीकार करने के बाद सर्वप्रथम कोरोना महामारी को लेकर शहर की स्थिति के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली. चूंकि अन्य मामलों पर अब तक गहनता से चर्चा नहीं हुई है. अतः ऐसे मुद्दों पर अपने लक्ष्य को उजागर करना जल्दबाजी होगी. किंतु यह सत्य है कि यदि निधि होगी तो ही विकास संभव होने का मत नए आयुक्त राधाकृष्णन बी. ने जताया. पदभार स्वीकार करने के बाद अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यदि कोरोना के इस संकटकाल में विपदा के साथ विकास संभव करना हो तो खर्च की प्राथमिकता तय करनी होगी. इस महामारी के चलते न केवल महानगरपालिका बल्कि सभी जगह पर वित्तीय संकट है.

संवाद का बनेगा सिस्टम… 

  • तकालीन आयुक्त मुदे द्वारा प्रतिदिन लिए जानेवाले जनता दरबार के संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि निश्चित ही लोकाभिमुख प्रशासन देने का प्रयास किया आाएगा, जिसके लिए लोगों से संवाद का एक सिस्टम तेयार किया जाएगा. जनता को दी जानेवाली सेवाओं पर अधिक ध्यान होंगा.
  • सतापक्ष के साथ समन्वय को लेकर बिना संकोच उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय में प्रशासन और जनपतिनिधि 2 पहियों की तरह हैं. जितनी महत्वपूर्ण जनता है, उतने ही महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि भी है.
  • यदि जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच कोई समस्या है तो किसका कहना उचित है, इसका आकलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी को सम्मान देकर समन्वय की भूमिका से काम करना होगा. मिलकर काम करने पर जनता के हितों के ही काम होंगे.
  • कोरोना पर हुई समीक्षा बैठक में उजागर हुई जानकारी का हवाला देते हुए आयुक्त ने कहा कि बीते 25 दिनों में कोरोना से मृत्यु का आंकड़ा बढ़ा है. जिसे कम करना पहला लक्ष्य होगा. लोगों की जान बचाना महत्वपूर्ण है. हालाकि मृत्यु दर जीरो करना नामुमकिन है, लेकिन इस दिशा में काम किया जा सकता है. सभी को मिलकर इसके लिए कार्य करना होगा.

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