नागपुर समाचार : पश्चिम महाराष्ट्र और कोकण क्षेत्र की देवस्थान इनाम जमीनों से जुड़े विवादों को स्थायी रूप से सुलझाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही कानून लाने की तैयारी में है। यह जानकारी राजस्व मंत्री तथा नागपुर और अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में लगभग चार लाख हेक्टेयर जमीन देवस्थान इनाम श्रेणी में आती है, और देवस्थान अधिकार व कुल अधिकार को लेकर स्पष्टता लाने के लिए कानून जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून का मसौदा अगले दो-तीन दिनों में राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा, जहां नागरिक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। इस पर अंतिम निर्णय जुलाई महीने के विधानसभा सत्र में लिया जाएगा। गर्मी के मद्देनजर सरकार ने व्यापक एक्शन प्लान तैयार किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर सभी जिलों के पालकमंत्रियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नागपुर और अमरावती में बैठकें लेकर जलस्रोतों को मजबूत करने, पानी का संग्रह बढ़ाने, अपव्यय रोकने और सीमित उपयोग सुनिश्चित करने के उपाय किए जा रहे हैं। नागरिकों से भी पानी का सोच-समझकर उपयोग करने की अपील की गई है।
सूखे की स्थिति पर उन्होंने कहा कि बुलढाणा, हिंगोली और पश्चिम महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जलसंकट गंभीर है। इसको देखते हुए जिलाधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को नियमित पानी आपूर्ति मिलती रहे। इसके लिए १७-१८ उपाय लागू किए जा रहे हैं और सभी जिलाधिकारियों के लिए अलग से एसओपी व दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ‘जल जीवन मिशन’ के तहत पर्याप्त निधि उपलब्ध है और इसमें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।




