नागपुर समाचार : आपली बस का संचालन करने वाले मनपा के परिवहन विभाग में संशोधन करते हुए परिवहन समिति ने सोमवार को वर्ष 2026-27 का 575.58 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट पेश किया गया. बजट में बेतहाशा खर्च की कई योजनाएं बनाई गई हैं, लेकिन कमाई के नए स्रोत ढूंढने में समिति विफल साबित हुई है. परिवहन विभाग और समिति के बजट पर गौर करे तो पाएंगे कि समिति ने आंकड़ें बढ़ाकर पेश किए गए हैं. जो कोई भी आय के स्रोत बताएंगे गए हैं, उनमें से अधिकांश पूर्व के समिति सभापतियों की तरफ से बजट में घोषणाएं की गईं. लेकिन उस पर अमल नहीं कर पाएं, परिवहन समिति सभापति मंगला खेकरे ने सोमवार को प्रस्तावित बजट की प्रति स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी को सौंपा.
इस दौरान परिवहन समिति के उपसभापति सुधीर राऊत, विजय होले, मंगला मस्के, अर्चना पडोले, रुपाली ठाकुर, पूजा पाठक, प्रमिला मथरानी, शकील पटेल, स्थायी समिति के सदस्य विशाखा मोहोड, ममता ठाकुर, साधना बरडे, वसीम खान, अभिजीत झा, असलम मुल्ला, परिवहन प्रबंधक डॉ. मेघना वासनकर, प्रशासनिक अधिकारी योगेश लुंगे उपस्थित थे.
ज्ञात हो कि परिवहन व्यवस्थापक ने वर्ष 2026-27 का 524.58 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था. इसमें मनपा की कमाई 190 करोड़ रुपए बताई गई. मनपा प्रशासन से 150 करोड़ रुपए मांगा गया. जबकि परिवहन समिति के बजट में आए के नए स्रोत का उल्लेख नहीं करते हुए. 575.58 करोड़ का बजट पेश किया गया. इसमें भी कमाई 190 करोड़ रुपए बताई गई, जबकि मनपा प्रशासन से 200 करोड़ रुपए की डिमांड की गई. ऐसे में स्पष्ट है कि समिति की तरफ से आए के नए स्रोत नहीं उल्लेखित नहीं किए गए. मनपा से अतिरिक्त 51 करोड़ रुपए अधिक की डिमांड की गई. मंगला खेकरे ने कहा कि मनपा परिवहन समिति द्वारा वर्ष 2026-27 में टिकट के अलावा अन्य माध्यमों से आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे, यात्रियों को पर्यावरण अनुकूल बस सेवा प्रदान करने का संकल्प लिया गया है.
शहर और बाहर के बस स्टेशनों में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स
1) शहर तथा शहर के बाहर स्थित परिवहन विभाग के डिपो की जमीन का उपयोग व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए किया जाएगा, ताकि आय बढ़ाई जा सके. मोरभवन बस स्टेशन 1 व 2, पटवर्धन, लकड़गंज (मातृशक्ति), हिंगणा, वाड़ी और खापरी डिपो में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे, इसके लिए बजट में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
2) खासबात यह है कि व्यावसायिक संकुल बनाने का प्रस्ताव इसके पहले बंटी कुकड़े, बाल्या बोरकर के कार्यकाल में भी पेश हो चुका है, लेकिन उस पर आज तक अमल नहीं हो पाया. इसमें कई अड़चनें हैं. इसके अलावा बस स्टॉप पर मौजूद कियोस्क सेंटर को छोटे व्यापारिक केंद्रों में परिवर्तित करने की योजना है, जहां कॉफी सेंटर, सुविधा केंद्र और जेरॉक्स सेवाएं किराए पर देकर आय बढ़ाई जाएगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की संकल्पना के तहत फ्लैश चार्जिंग आधारित 25 आर्टिक्युलेटेड बसों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है.
बजट की प्रमुख विशेषताएं
- बस डिपो के अंदर सड़कों और परिसर के विकास कार्य के लिए 40 करोड़ रुपए
- भूमि अधिग्रहण और डिपो विकास कार्य के लिए 10 करोड़ रुपए
- प्रत्येक बस स्टॉप पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
- टिकट दरों का सुव्यवस्थित निर्धारण किया जाएगा
- शहर में नए बस मार्ग शुरु किए जाएंगे
- विभिन्न डिपो में विज्ञापनों के माध्यम से आय बढ़ाई जाएगी




