नागपुर समाचार : नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर सियासत गरमा गई है। शिवसेना महिला आघाड़ी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके विरोध में नागपुर के सक्करदरा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। महिला आघाड़ी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ महापाप किया है। यह प्रदर्शन शिवसेना के मुख्य नेता एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संपर्क प्रमुख संजय निरुपम, विधान परिषद की विधायक एवं विभागीय नेतृत्त्वकर्ता डॉ. मनीषा कायंदे, पूर्व विदर्भ संगठक किरण पांडव के मार्गदर्शन में महिला आघाड़ी की जिलाध्यक्ष मनीषा पापडकर के नेतृत्व में विरोध दर्ज कराया गया।
कांग्रेस ने खोया ऐतिहासिक मौका
महिला आघाड़ी की जिलाध्यक्ष मनीषा पापडकर ने आरोप लगाया कि १७ अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस द्वारा विरोध में मतदान किए जाने के भागीदारी बढ़ती। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पिछले कई दशकों से लंबित था और इसे लागू कर २१वीं सदी की महिलाओं को नई दिशा दी जा सकती थी।
मोदी सरकार के प्रयास जारी रहने का दावा
महिला आघाड़ी नेताओं ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार को दो तिहाई बहुमत नहीं मिला, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रयास जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि देश की करोड़ों महिलाएं सरकार के साथ हैं और भविष्य में इस तरह के विधेयकों को पारित कराने के लिए फिर कोशिश की जाएगी।
कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति का आरोप प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पर फूट डालो और राज करो की राजनीति करने का आरोप लगाया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि कांग्रेस ने पहले भी जनधन योजना, आधार, डिजिटल पेमेंट, तीन तलाक और अनुच्छेद ३७० जैसे मुद्दों का विरोध किया था।
महिला आघाड़ी ने चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में देश की महिलाएं कांग्रेस को इसका जवाब देंगी। प्रदर्शन में नैना दीक्षित, मालती अमृतकर, वृषाली देशमुख, अनिता चौधरी, मोना शेंडे, संगीता सव्वालाखे सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।




