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नागपुर : 24 बाय 7 योजना की होगी जांच, विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने दिए निर्देश

नागपुर : नागपुर सिटी में 24 बाई 7 योजना के सफल प्रयोग को लेकर भले ही भाजपा की ओर से देशभर में डंका पीटा जा रहा हो लेकिन इसे लेकर अब की गई शिकायतों के बाद विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले की ओर से न केवल सभी संबंधितों की बैठक ली गई बल्कि सिटी में संचालित हो रही 24 बाई 7 योजना की जांच करने के भी निर्देश मनपा प्रशासन को दिए. 

पटोले ने कहा कि शहर को शुद्ध जलापूर्ति के उचित उपाय किए जाने चाहिए. इसके लिए एक रिपोर्ट भी तैयार की जानी चाहिए. इस योजना के लिए अनुबंधित कम्पनी के काम की समीक्षा भी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक विशेष ऑडिट किया जाए ताकि पूरी योजना का लेखा-जोखा तैयार हो सके. बैठक में पालक मंत्री नितिन राऊत, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन.बी, शहर विकास विभाग के प्रधान सचिव महेश पाठक, विधायक विकास ठाकरे, श्वेता बैनर्जी सहित कई लोग उपस्थित थे.

भाजपा को घेरने की तैयारी : सूत्रों के अनुसार एक वर्ष बाद महानगर पालिका के चुनाव होने जा रहे हैं, हाल ही में विधान परिषद के लिए हुए स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में मिली सफलता के बाद अचानक ही कांग्रेस सक्रिय हो गई है.यही कारण है कि स्थानीय चुनावों के मद्देनजर अब भाजपा को कई स्तर पर घेरने के लिए इस तरह की रणनीति शुरू हो गई है. कुछ समय पहले तक मनपा में बतौर आयुक्त रहे मुंढे को भी भाजपा पर शिकंजा कसने के लिए ही भेजे जाने के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि मुंढे का कुछ ही माह में तबादला तो किया गया लेकिन अब इस तरह की शिकायतों को लेकर मनपा के सत्तापक्ष भाजपा को घेरने के प्रयास किए जा रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार मनपा में अब तक कई मुद्दों और योजनाओं को लेकर भ्रष्टाचार होने के आरोप लगते रहे हैं. यहां तक कि मनपा की सभा में भी पार्षदों द्वारा आरोप लगाए गए किंतु किसी भी मामले में जांच नहीं हो पायी. आलम यह है कि विधायक विकास ठाकरे की ओर से कचरा घोटाला उजागर किया गया था किंतु इसमें भी जांच के नाम पर लीपापोती होती रही है. अब विधानसभा अध्यक्ष पटोले की और से 24 बाई 7 योजना की जांच को लेकर आदेशजारी किए गए हैं.

कार्यान्वयन में हुई देरी : चर्चा के दौरान पालक मंत्री नितिन राऊत ने कहा कि 24 बाई 7 के लिए मनपा की ओर से ओसीडब्ल्यू कम्पनी को ठेका आवंटित किया गया था. कम्पनी के साथ हुए समझौते के अनुसार पहले 10 वर्षों में तकनीकी दक्षता 75 प्रतिशत और व्यावसायिक दक्षता 95 प्रतिशत करने की शर्त रखी गई थी किंतु मनपा के सत्तापक्ष भाजपा ने संख्या बल के आधार पर अवधि बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया. राऊत ने कहा कि इस तरह से जनता का पैसा बर्बाद हुआ है. लंबी चर्चा के बाद पटोले ने योजना के कार्यान्वयन में हुई देरी की जांच करने के निर्देश दिए. साथ ही अनियमितता होने की पुष्टि के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश जारी किए.

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