नागपुर समाचार : छत्रपति शिवाजी महाराज के दैदीप्यमान इतिहास से कोई संबंध न होते हुए भी केवल अपना नाम बड़ा करने के लिए महाराज के बारे में अपशब्द कहने वाले स्वयंभू ‘धीरेंद्र शास्त्री’ (बागेश्वर धाम) की शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) नागपुर महानगर द्वारा आज कड़े शब्दों में निंदा की गई। महाराष्ट्र के आराध्य दैवत का अपमान करने वाली इस प्रवृत्ति का घमंड तोड़े बिना शिवसैनिक शांत नहीं बैठेंगे, ऐसी कड़ी चेतावनी इस अवसर पर दी गई।

इस अपमानजनक वक्तव्य के विरोध में नागपुर महानगर प्रमुख किशोर कुमेरिया, शहर प्रमुख संदीप रियाल पटेल, हरिभाऊ बानाईत और महिला आघाड़ी की डॉ. अंजुषा बोधनकर, सुरेखा खोब्रागड़े, सुरेखा गाडे, माधुरी माउडेकर, युवा सेना के मजबूत नेतृत्व में महल स्थित ‘छत्रपति शिवाजी महाराज चौक’ पर भव्य निषेध आंदोलन और प्रदर्शन किया गया।
शिवसेना की आक्रामक भूमिका
शिवसेना पदाधिकारियों ने इस समय दृढ़ता से कहा कि छत्रपति शिवराय हमारे देवता हैं और उनके बारे में गलत बयानबाजी महाराष्ट्र कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। धीरेंद्र शास्त्री को सभी शिवप्रेमियों और महाराष्ट्र से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि माफी नहीं मांगी, तो महाराष्ट्र की मिट्टी में बागेश्वर धाम का एक भी कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। जहां भी कार्यक्रम होगा, वहां शिवसैनिक स्टाइल में उत्तर दिया जाएगा।
इस आंदोलन में राजे जयसिंह भोसले, गुलाब भोयर, नितिन सोलंके, निखिल जाजुलवार, भूषण वंजार, मयुर पुदघटवार, राजू दलवी, बॉबी गजभिये, राहुल कोल्हे, हरीश पाटिल, मंगला देवेन्द्र राणे, जीवन वर्मा, रामेशेर खान, कुंदा सु. जोगी, राकेश कावडकर, शुभम बांधेवर, रोहित गौर, हरिश्चंद्र शाह, गोलू मौदेकर, शंकर थुल, सुखदेव ढोके, राजेश रुईकर, वसुंधरा शेगांवकर, कुंदा जोगी, सचिन कोपसे, अनिल बोजडे, बबलू दरोडे, पितांबर घोलपे, सतीश पाठक, कमल पाठक, ज्ञानेश्वर मोहाडीकर, सुनील कुचेकर, विकास देशमुख, संजय घटे, प्रदीप तुपकर, कौशिक येनगे, आशीष भोनदेकर, धर्मेंद्र निमा, सुनील यादव, सुमित, सुखदेव कपाते, राजेश रुईकर, शुभम बांदेकर, गोलू मोंदेकर, रोहित गौर, प्रदीप पौनीकर सहित नागपुर जिले के सैकड़ों पदाधिकारी, शिवसैनिक और शिवप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अपना रोष व्यक्त किया।




