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नागपूर समाचार : नागरिकों का कर प्रणाली में विश्वास होना आवश्यक – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

एनएडीटी में ७८वीं बैच का विदाई समारोह

नागपुर समाचार : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि सभी युवा भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी न्याय, पारदर्शिता और ईमानदारी के आधार पर लिए गए निर्णय न केवल शासन को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि देश और उसके नागरिकों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में उन्हें ये सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर समाज के वंचित वर्ग के नागरिक को सम्मान और निष्पक्षता का अनुभव हो। स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ाने के लिए भी नागरिकों का कर प्रणाली में विश्वास होना बेहद आवश्यक है।

हालांकि, आईआरएस अधिकारियों की भूमिका केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। वे विश्वास के संरक्षक, न्याय, निष्पक्षता के प्रहरी भी हैं। उन्हें विनम्रता, संयम व संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मु राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) में बुधवार को आयोजित भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) अधिकारियों की ७८वीं बैच के विदाई समारोह को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि गत कुछ वर्षों में भारत तकनीक आधारित कर प्रणाली के जरिए पारदर्शिता बढ़ाई गई है। इससे नागरिकों के लिए कर व्यवस्था अधिक सरल, सहज और सुविधाजनक बनी है।

हाल के वर्षों में भारत की आर्थिक यात्रा बेहद गतिशील और प्रेरणादायक रही है। आयकर कानून, २०२५, जो १ अप्रैल २०२६ से लागू हुआ है। आईआरएस प्रशिक्षु अधिकारी इस नए कानून के क्रियान्वयन के अग्रदूत होंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कराधान के क्षेत्र में अनुसंधान की ओर भी विशेष ध्यान देना होगा। इस दौरान महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, पालकमंत्री एवं राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष रवि अग्रवाल, एनएडीटी के महानिदेशक सीबीचेन के. मैथ्यू, प्रशासनिक सदस्य पंकज कुमार मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इस दौरान ७८वीं बैच के उत्कृष्ट प्रशिक्षु अधिकारी दुष्यंत भेडा, विजेता बी. होसमने, अनिल कुमार कोटे, मधुकर आर्य, नमन जैन, पूजा मीना, अर्चित देवा को पदक से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें आईआरएस पद की शपथ भी दिलाई गई। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारतीय इतिहास के महान विचारक कौटिल्य ने ‘अर्थशास्त्र’ में शासन का एक कालजयी सिद्धांत प्रस्तुत किया था। ये आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

विकसित भारत के निर्माण में भागीदारी जरूरी : वर्मा

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि भारतीय राजस्व सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सकारात्मक संकेत है। उन्होंने अधिकारियों से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

जनहित सर्वोपरि होना चाहिए : बावनकुले

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकारी निर्णय लेते समय व्यापक जनहित को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में राजस्व सेवा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।