नागपुर/मुंबई समाचार : उपराजधानी नागपुर में बढ़ते ड्रग्स के मामले शहर में युवाओं के भविष्य सहित सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर में लगातार आते मामले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रूप अपना लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ड्रग्स केस में आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की बात कही। मंगलवार को भाजपा विधायक प्रवीण दटके, कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे, नितिन राने शहर में बढ़ते ड्रग्स बिक्री का मुद्दा सदन में उठाया, जिसपर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह ऐलान किया।
नागपुर पुलिस ने ऑपरेशन थंडर के तहत कार्रवाई करते हुए मोतीबाग परिसर में ड्रग्स तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर से बड़ी संख्या में हथियार सहित अन्य सामान जब्त किया। इसको लेकर मंगलवार को विधानसभा में भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने प्रश्नकाल में पुलिस से की कार्रवाई को लेकर सवाल किया और अपराधियों पर मकोका लगाने को लेकर सवाल किया। इस चर्चा में विधायक विकास ठाकरे सहित नितिन राउत भी इसमें शामिल हुए और शहर में बढ़ते मामले पर चिंता जताई और पुलिस करवाई की जानकारी मांगी।
जिसपर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि संबंधित मामले में सामाजिक अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है और आगे कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।”
उन्होने आगे कहा, “यदि कहीं अवैध निर्माण पाया जाता है, तो भारत का सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नोटिस देकर नगर निगम के माध्यम से उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं होने पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।”
ड्रग्स नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई
नागपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत पिछले 11 महीनों में 907 मामलों का खुलासा किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान लगभग 1254 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में नशे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए 31 अगस्त 2023 को एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया। इस व्यवस्था का विस्तार राज्य के सभी पुलिस थानों तक किया गया है और नई नियुक्तियों के माध्यम से इसे और मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय तथा खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान के कारण अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई संभव हो रही है।”
सरकार केवल मामले दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि “आगे और पीछे की कड़ियों” को खोजकर पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, ऐसे मामलों में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन नहीं, बल्कि सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नाबालिग बच्चों का ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल होना एक गंभीर चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए कानूनी आयु सीमा 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।




