

राज्य में तीन दिन का शोक घोषित
नागपुर समाचार : महाराष्ट्र की राजनीति आज एक ऐसे दौर में खड़ी है, जहाँ अनुभव, संघर्ष और ज़मीनी समझ का एक बड़ा स्तंभ हमेशा के लिए खामोश हो गया। अजीत पवार के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें महाराष्ट्र के कोने-कोने से परिचित, मुद्दों की गहरी समझ रखने वाला और संघर्षों से तपकर निकला हुआ नेता बताया। फडणवीस के शब्दों में, अजीत दादा ऐसी नेतृत्व क्षमता थे जो किसी भी हालात में डगमगाए बिना आगे बढ़ते रहे—और ऐसी लीडरशिप बनने में बरसों लग जाते हैं। आज का दिन महाराष्ट्र के लिए बेहद कठिन है।
अजीत पवार महाराष्ट्र के विकास में बहुत अहम योगदान दे रहे थे। ऐसे समय में उनका जाना अविश्वसनीय है। यह दिल तोड़ने वाला है। पर्सनली, मेरे लिए, एक मजबूत और नेक दिल दोस्त चला गया है। यह उनके परिवार के लिए भी बहुत बड़ा झटका है। डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे और हम सभी जल्द ही बारामती के लिए निकल रहे हैं। मैं सुबह से सभी के संपर्क में था। माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को भी हुई सभी स्थितियों की जानकारी दे दी गई है। उन्होंने इस पर गहरा दुख जताया है। राज्य में तीन दिन का शोक घोषित
इन सभी मामलों से पूरे देश में हलचल मच गई है। अजित पवार के परिवार से बातचीत के बाद आगे के सभी कदम तय किए जाएंगे। सुबह सुप्रिया सुले से बातचीत हुई। पार्थ पवार से भी बातचीत हुई है। पूरे पवार परिवार के बारामती पहुंचने के बाद उनकी सहमति से आगे के फैसले लिए जाएंगे। बारामती में सरकारी छुट्टी घोषित कर दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है।
मन मानने को तैयार नहीं
महाराष्ट्र को एक ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। ऐसे जननेता के जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना मुश्किल है। हमने बहुत मुश्किल समय में साथ मिलकर काम किया है। फडणवीस ने भी कहा है कि मन इस बात पर यकीन करने को तैयार नहीं है।





