

नागपुर समाचार : अपनी सख्त और अनुशासित कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त का पद संभालते ही राज्यभर में मिलावटखोरों और प्रतिबंधित गुटखा कारोबारियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। पदभार संभालने के महज तीन दिनों के भीतर ही उन्होंने राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाकर ५३ जगहों पर छापेमारी कर लाखों रुपये का अवैध माल जब्त किया है।
तुकाराम मुंढे ने २५ मई को एफडीए आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अधिकारियों को जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मुंबई, पुणे, नासिक, अमरावती, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित राज्यभर में एक साथ विशेष अभियान चलाया गया।
अन्न सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ छापे मारते हुए गुटखा, पान मसाला और अन्य प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री की जांच की। कुल ५३ प्रतिष्ठानों की जांच में ३४ जगहों पर प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला खुलेआम बिकता मिला। इस मामले में पुलिस ने २५ एफआईआर दर्ज कर ३३ लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही गुटखा परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे पांच वाहनों को जब्त कर २७ प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है।
इस अभियान में करीब २० लाख ५७ हजार रुपये का अवैध माल जब्त किया गया। सबसे बड़ी कार्रवाई मुंबई क्षेत्र में देखने को मिली, जहां १९ प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर सभी को तत्काल सील कर दिया गया। साथ ही १९ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
प्रशासन ने प्रतिबंधित गुटखा, सुगंधित तंबाकू और भ्रामक पैकेजिंग के खिलाफ कड़ा प्रहार किया है। गुटखा कार्रवाई के अलावा एफडीए अधिकारियों ने २३ अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की भी जांच की। इनमें पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर, दूध, नूडल्स, कार्बोनेटेड पेय, खाद्य तेल, मिठाई, फरसान, आइसक्रीम, ताड़ी, मसाले, खोवा, पनीर, घी, बेसन और बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की गई।
इस कार्रवाई में लगभग २८ लाख ७८ हजार ५७२ रुपये मूल्य का संदिग्ध और नियमविरुद्ध खाद्य सामग्री का स्टॉक जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार ये खाद्य पदार्थ असुरक्षित उत्पादन प्रक्रिया के जरिए तैयार किए जा रहे थे। जब्त किए गए सभी नमूनों को जांच और प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।





