- Breaking News, सामाजिक 

बालाघाट समाचार : परमात्मा एक सेवक बोले बाबा ने अंधश्रद्वा निर्मूलन, जाति भेदभाव और व्यसन मुक्ति का दिया संदेश

बालाघाट समाचार : बालाघाट में परमात्मा एक सेवक सम्मेलन 10 जनवरी को आयोजन किया गया। जिसमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के 10 हजार से ज्यादा सेवकों ने इसमें हिस्सा लिया। सम्मेलन के माध्यम से महान त्यागी बाबा जुमदेवजी को उनके सामाजिक कार्यो को देखते हुए भारत रत्न दिए जाने की मांग उठी।

बालाघाट में परमपूज्य परमात्मा एक सेवक मंडल का मानव धर्म सेवक सम्मेलन और सामूहिक हवन का आयोजन था। जिसमें एक दिन पूर्व से ही सेवक, बालाघाट में जुटना शुरू हो गए थे।

सामूहिक हवन, रैली और शोभायात्रा के बाद मंचीय कार्यक्रम की शुरूआत की गई। जिसमें सांसद भारती पारधी, देवराज तुमसरे, मार्गदर्शक राउत के अलावा, सेवक मंडल के संचालक, मार्गदर्शक और सेवकों ने हिस्सा लिया।

जिसके बाद दोपहर 12 बजे से भगवान बाबा हनुमानजी, महान त्यागी बाबा जुमदेवजी की प्रतिमा का उद्घाटन किया गया। जिसके बाद मंचीय कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन और अतिथि सत्कार के साथ की गई। सभी वक्ताओं ने बाबा जुमदेवजी और परमात्मा एक सेवक मंडल के मानव जागृति में किए जा रहे कार्यो पर प्रकाश डाला।

नागपुर से पहुंचे संचालक महेन्द्र सिंह गुरबेले ने बताया कि महान त्यागी बाबा जुमदेवजी ने जीवन के अंतिम पड़ाव तक मानव को जागृत करने का काम किया। उन्होंने अंध श्रद्वा निर्मूलन, जाति बंधन को खत्म करने और निर्व्यसनी परिवार की कल्पना को साकार कर व्यसन मुक्त में अहम योगदान दिया।

हम चाहते है कि मानव को जागृत कर, बदलाव लाने वाले महान त्यागी बाबा जुमदेवजी को भारत रत्न मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि बाबा जुमदेवजी के सामने भारत रत्न भी फीका पड़ेगा। जो उन्होंने मानव सेवा के कार्य किए है, उसे परमपूज्य परमात्मा एक सेवक मंडल, समाज में करता आ रहा है।