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नागपुर समाचार : शीतसत्र अधिवेशन से पहले फडणवीस का बड़ा बयान, 92% किसानों को मिली सहायता, विरोधियों के आरोप भ्रामक, 18 विधेयक होंगे पेश

नागपुर समाचार : शीतसत्र अधिवेशन के पूर्व महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यभर के किसानों, अधिवेशन की अवधि, विरोधी दलों की भूमिका और आगामी विधायी कार्यक्रमों पर व्यापक रूप से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पूरी पारदर्शिता और तैयारी के साथ अधिवेशन का सामना करने जा रही है। विरोधी दलों की ओर से लगाए गए आरोपों को उन्होंने तथ्यहीन बताते हुए कड़ा जवाब दिया।

92% किसानों को मिली मदद; केवायसी के लंबित मामलों का निपटारा जारी फडणवीस ने बताया कि राज्य के पूर्व-पात्र किसानों में से करीब 90 लाख से अधिक किसान सहायता के दायरे में आते थे। “इनमें से 92 प्रतिशत किसानों को मदद वितरित कर दी गई है। सिर्फ 8 प्रतिशत किसानों का केवायसी से जुड़ा मामला तकनीकी कारणों से लंबित है। कुल 12 लाख किसानों में से आधे से ज्यादा का केवायसी मुद्दा हमने सुलझा दिया है और शेष किसानों को भी जल्द ही राशि दे दी जाएगी,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी दोहराया कि बारिश से प्रभावित किसानों को दी जाने वाली दस हजार रुपये की विशेष सहायता भी पूरी तरह प्रदान कर दी गई है।

“यह कहना कि किसानों को मदद नहीं मिली, यह बिना अध्ययन के किया गया भ्रामक बयान है,” फडणवीस ने टिप्पणी की। अधिवेशन छोटा क्यों? आचारसंहिता बाधा—सरकार का पल्ला झाड़ने का सवाल ही नहीं अधिवेशन की अवधि कम किए जाने को लेकर उठे सवालों का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि आचारसंहिता लागू होने के चलते इस बार पूर्णकालिक अधिवेशन संभव नहीं था। “फिर भी हमने शनिवार और रविवार को भी बैठकें आयोजित कर अधिकतम कामकाज पूरा करने का निर्णय लिया है।

नागपुर अधिवेशन में हम सामान्यतः अपेक्षा से दोगुना कामकाज करते हैं। यहाँ कामकाजी घंटे कम होने का प्रश्न ही नहीं है,” उन्होंने स्पष्ट किया। विपक्ष दिशाहीन, मुद्दों की कमी—फडणवीस का पलटवार विरोधी दलों की ताजा टिप्पणियों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में विपक्ष न दिशा में है, न मुद्दों में। “मुद्दे भी नहीं और मुद्दों पर अडिग रहने की इच्छाशक्ति भी नहीं दिख रही। इसलिए विपक्ष केवल बयानबाज़ी तक सीमित हो गया है,” उन्होंने कहा।

विपक्ष नेता के चयन पर सरकार का कोई दबाव नहीं विपक्ष के नेता की नियुक्ति को लेकर पैदा हुए विवाद पर फडणवीस ने कहा कि यह निर्णय सदन के अध्यक्ष और सभापति का विशेषाधिकार है। “सरकार का इस मुद्दे पर कोई आग्रह या हस्तक्षेप नहीं है। जो निर्णय अध्यक्ष व सभापति लेंगे, वह हमें स्वीकार होगा,” उन्होंने स्पष्ट किया।

अजित पवार की अनुपस्थिति पर सफाई पत्रकार परिषद में अजित पवार की गैरमौजूदगी पर अफवाहों को विराम देते हुए फडणवीस ने बताया कि उनका विमान तकनीकी कारणों से देर से पुणे पहुँचा, जिसके चलते वे नागपुर समय पर नहीं पहुँच पाए। “अजित दादा रात 9 से 9.30 बजे के बीच नागपुर पहुँचेंगे और कल से पूरे समय अधिवेशन में उपस्थित रहेंगे,” उन्होंने कहा।

अधिवेशन में 18 विधेयक होंगे पेश फडणवीस ने बताया कि इस अधिवेशन में कुल 18 विधेयक पेश किए जाएंगे, जिनमें कुछ छोटे लेकिन महत्त्वपूर्ण विधेयक भी शामिल हैं। “हमारी कोशिश होगी कि सभी विधेयकों पर सार्थक चर्चा हो और अधिवेशन के दौरान अधिकतम विधायी कार्य पारित हो,” उन्होंने कहा।

पत्रकारों की असुविधा पर व्यक्त की दिलगिरी अधिवेशन स्थल पर शुरुआती दो दिनों में पत्रकारों को हुई असुविधा की जानकारी सामने आने पर उपमुख्यमंत्री ने खेद जताया। “पत्रकारों की गैरसुविधा हमें मंजूर नहीं। अब आगे सभी व्यवस्थाएँ व्यवस्थित रहेंगी,” उन्होंने आश्वासन दिया।