अयोध्या समाचार : सदियों से जिस पल का इंतजार था, आज वह पूर्णता को प्राप्त हो गया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया। मंगलवार को शुभमुहर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहरा दिया। तीन किलो वजनी इस ध्वज को प्रधानमंत्री ने रिमोट के जरिये मंदिर के शिखर पर लहराया। भव्य समारोह के दौरान मंदिर प्रांगण ‘जय श्री राम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। मौजूद साधु-संतों और विशिष्ट मेहमानों ने करतल ध्वनि में तालियां बजाकर अपनी प्रसन्नता का इजहार किया। इस नयनाभिराम दृश्य को देखकर उनकी आंखें छलक उठीं।
यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी पर श्रीराम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त पर हुआ है। भगवा रंग का यह ध्वज २२ फोट लंबा और ११ फीट चौड़ा है। इस पर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर है। इस पर कोविदारा पेड़ की तस्वीर के साथ ‘ओम’ लिखा है। ध्वज का रंग त्याग और भक्ति का प्रतीक है। इसे तिकोने आकार में बनाया गया है।
२५ नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों महीने भर से चल रही थी। इस मौके पर पूरी अयोध्या नगरी आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति में डूबी नजर आई। साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष पूजा-अर्चना की।
यह क्षण घोर तपस्या के बाद आया है
स्वामी नरोत्तमानंद गिरि भोर होते ही गलियों, घाटों और मंदिरों में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। रायबरेली के डलमऊ से आए स्वामी नरोत्तमानंद गिरि ने कहा यह अत्यंत सौभाग्य का दिन है। यह क्षण घोर तपस्या के बाद आया है और ध्वजारोहण में शामिल होना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। राम मंदिर आंदोलन के शुरुआती दौर से जुड़े ९५ वर्षीय संत देवेंद्रानंद गिरि भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जीवन में इस दिन को देखने की उम्मीद उन्होंने कभी नहीं की थी। इस उम्र में मंदिर का निर्माण पूरा होते देखना मुझे अपार आनंद देता है।
चार दिनों से राम मंदिर में चल रहा था अनुष्ठान
राम मंदिर के अंदर पुजारी पिछले चार दिनों से अनुष्ठान कर रहे थे। इस दौरान देश भर से विद्वान और स्थानीय वैदिक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इससे पहले सुबह करीब १० बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सप्तमंदिर गए। उन्होंने महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में भी शीश झुकाया। इसके बाद वह शेषावतार मंदिर भी गए। सुबह करीब ११ बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर गए। राम मंदिर के शिखर पर फहरायरा गया ध्वज १० फीट ऊंचा और २० फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इस पर एक उज्ज्वल सूर्य की छवि है, जो भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक है, साथ ही कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर ‘ओम’ अंकित है।
पीएम मोदी ने सर संघचालक मोहन भागवत के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के दरबार में शीश नवाया। दर्शन के बाद पूजा अर्चना की। सीएम योगी आदित्यनाथ और गवर्नर आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। पीएम मोदी और सर संघचालक मोहन भागवत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री राम दरबार गर्भगृह में दर्शन और पूजा की।




