नागपुर समाचार : कामठी स्थित ड्रैगन पैलेस में भारतीय संविधान की सबसे बड़ी पुस्तक तैयार की जा रही है, जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया जाएगा। यह अनोखी पहल ओगावा सोसायटी की संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट सुलेखा कुंभारे और मनीष पाटील फाउंडेशन के अध्यक्ष मनीष पाटील की संकल्पना से शुरू की गई है।
इस विशाल संविधान पुस्तक की लंबाई 29.5 फीट, चौड़ाई 21.5 फीट होगी और इसमें कुल 251 पृष्ठ होंगे। इस पुस्तक का वजन लगभग 1700 किलो रहेगा। वर्तमान में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में संयुक्त अरब अमीरात के शाहीद ग्रुप ऑफ कंपनी द्वारा बनाई गई ‘धीस द प्रोफेट मोहम्मद’ नामक पुस्तक दर्ज है, जिसकी लंबाई 16.40 फीट, चौड़ाई 26.44 फीट और वजन 1500 किलो है। ड्रैगन पैलेस में बन रही यह भारतीय संविधान की पुस्तक उससे भी बड़ी होगी और एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाएगी।
इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट की नींव 2 अक्टूबर को धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों रखी गई। इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले, राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, जिलाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर और एडवोकेट सुलेखा कुंभारे,मनीष पाटील,भगवान लोणारे,सतीश अलोणे, अलका वाघमारे और वामन सोमकुवर उपस्थित थे।
यह पुस्तक 14 अप्रैल 2026 तक तैयार हो जाएगी। इसे खास इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक पेज पलटने के लिए आठ लोगों की मदद लेनी पड़ेगी। मनीष पाटील के अनुसार, इस पुस्तक का उद्देश्य यह है कि भारतीय संविधान हर व्यक्ति तक पहुँचे और हर नागरिक को उसके मूल सिद्धांतों की जानकारी मिल सके।




