नागपुर समाचार : विश्व मानव संसाधन विकास परिषद में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार-२०२५ अंतर्गत महावितरण को विविध ६ क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया है। महावितरण के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक लोकेश चंद्र को व्यक्तिगत वर्ग में २ पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। मानव संसाधन विकास को गति देने, कर्मचारी क्षमता, कौशल्य व ज्ञान का विकास, नई संकल्पना, एआई तकनीक और हरित ऊर्जा के उपयोग व योजना आदि पर मुंबई में एकदिवसीय विश्व मानव संसाधन विकास परिषद का आयोजन हुआ। देश भर के निजी व सरकारी कंपनियों के अधिकारी इसमें उपस्थित थे। महावितरण की ओर से उपरोक्त विषयों पर विविध योजनाओं की जानकारी परिषद में दी गई।
बेस्ट इनोवेशन इन पावर : महावितरण को सामूहिक वर्ग में किसानों को दिन में बिजली देने का सपना पूर्ण करने वाली सीएम कृषिवाहिनी योजना २.० के प्रभावी अमल के लिए बेस्ट इनोवेशन इन पावर एनर्जी पुरस्कार मिला। मानव संसाधन विभाग अंतर्गत कर्मचारियों का स्किल डेवलपमेंट, क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व विद्युत सुरक्षा उपक्रम के लिए अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन ट्रेनिंग का पुरस्कार प्रदान किया गया। पुणे स्थित हरित ऊर्जा के तहत राज्य में पहला विद्युत चार्जिंग स्टेशन के लिए बेस्ट एनवायरनमेंट फ्रेंडली पोजेबर का पुरस्कार मिला।
‘लोकेश ‘सीएमडी ऑफ द ईयर’ लोकेश चंद्र को व्यक्तिगत वर्ग में सीएमडी ऑफ द ईयर व लीडरशिप एक्सीलेंस इन टेक्नोलॉजी इनोवेशन इन दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। संचालक मानव संसाधन राजेंद्र पवार को प्राइड ऑफ द प्रोफेशन पुरस्कार प्रदान किया गया। मानव संसाधन विकास विशेषज्ञ डॉ. आर.एल. भाटिया, आईआईएमए की पूर्व डीन इंदिरा पारेख के हाथों ये पुरस्कार प्रदान किये गए। राजेंद्र पवार, मंगेश कोहाट, नरेंद्र सोनवणे, डॉ. संतोष पाटनी, रूपेश खरपकर ने पुरस्कार स्वीकार किया।




