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पिछले साल की बिजली खपत तुलना के आधार पर मिल सकती है बिल में राहत

नागपुर : लाकडाऊन के समय बिजली बिल में छूट देने के मामले को लेकर राज्य सरकार ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसमें अलग अलग तरह से राहत देने का विचार है। प्रमुख तौर पर 2019 के 3 माह की खपत की तुलना इस वर्ष के 3 माह से की जाएगी। अतिरिक्त रकम भरने के लिए राज्य सरकार ने जो तैयारी की है उससे उसे 1 हजार करोड का भार वहन करना पड़ेगा। महावितरण ही नहीं बेस्ट, अदानी, टाटा जैसी सभी कंपनियों को सरकार के राहत पैकेज से लाभ मिलेगा। बीते अप्रैल, मई व जून माह के बिजली बिल माफ करने की मांग विपक्ष ने की है। पहले की तुलना में इस वर्ष अधिक बिल आने की शिकायतें भी है। इन मामलों को लेकर विपक्ष ने राज्य स्तर पर सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया है।

इस मामले में ऊर्जामंत्री डॉ.नितीन राऊत ने आश्वस्त किया है कि सरकार राहत पैकेज ला रही है। हालांकि पैकेज के बारे में फिलहाल अधिकृत तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन दैनिक भास्कर प्रस्ताव के बारे में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार राहत के अलग अलग पैमाने तय है। प्रस्तावित पैकेज के अनुसार राज्य में सभी बिजली ग्राहकों के इस वर्ष अप्रैल, मई व जून में बिजली खपत की तुलना 2019 के इन्हीं महिनों की खपत से की जाएगी। 2019 के अप्रैल , मई व जून में ग्राहकों ने जितना बिल भरा उतना इस बार भी उन्हें भरना पड़ेगा। पिछले की तुलना में अधिक बिल का भार राज्य सरकार वहन करेगी।

इस तरह मिल सकती है राहत… 

100 यूनिट तक बिल इस्तेमाल में पिछले साल की तुलना में अतिरिक्त बिल का भार राज्य सरकार करेगी। पिछले वर्ष अप्रैल में किसी ने 80 यूनिट बिजली का इस्तेमाल किया हो और इस वर्ष 100 यूनिट का इस्तेमाल किया गया हो तो 80 यूनिट का बिल ग्राहक को भरना पड़ेगा। 20 यूनिट का भार राज्य सरकार वहन करेगी। इसी तरह बिजली का इस्तेमाल 101 से 300 यूनिट तक हो तो पिछले साल की तुलना में अतिरिक्त खपत का 50 प्रतिशत भार राज्य सरकार वहन करेगी। 301 से 500 यूनिट के इस्तेमाल में अतिरिक्त बिल का 25 प्रतिशत भार राज्य सरकार उठाएगी। राज्य की सभी कंपनियों के बिजली ग्राहकों को सरकार राहत देगी। यह भी जानकारी मिली है कि फिलहाल घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को ही इस तरह राहत देने की तैयारी है। व्यावसायिक व औद्योगिक बिजली ग्राहकों के लिए ये निर्णय लागू नहीं होंगे।

जल्द होगा निर्णय… 

ऊर्जा व वित्त विभाग ने बिजली बिल में राहत के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार सभी को हरसंभव राहत देने का प्रयास कर रही है। प्रस्ताव को मंत्रिमंडल में चर्चा के लिए ले जाया जाएगा। उसके बाद ही कोई निर्णय होगा। फिलहाल राहत किस तरह की होगी, यह बताया नहीं जा सकता है।

डॉ. नितीन राऊत, ऊर्जामंत्री

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