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लाइसेंस नही लेने पर दुकानें होंगी बंद, कर्मचारियों की करानी होंगी जांच

नागपुर : राज्य की सभी महानगर पालिकाओं के अंतर्गत व्यापारियों द्वारा महाराष्ट्र महापालिका कानून के अनुसार लाइसेंस लिया गया है. नागपुर महानगर पालिका में भी इस कानून पर अमल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है किंतु व्यापारियों की ओर से इसका विरोध शुरू किया गया. ऐसे में अब लाइसेंस लेने के लिए समयावधि निश्चित की जाएगी. इस समयावधि के भीतर लाइसेंस नहीं लेने पर दूकान शुरू नहीं रख सकेंगे. यह चेतावनी नहीं पर संकेत होने की जानकारी मनपा आयुक्त मुंढे ने दी. रविवार को कोरोना के लगातार बढ़ते मामले, व्यापारियों की ओर से कोरोना जांच और लाइसेंस लेने के हो रहे विरोध पर फेसबुक लाइव के माध्यम से आयुक्त लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए नियमों पर अमल करते समय यदि कोई बाधा पहुंचाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.

एक सवाल के जवाब में मुंढे ने कहा कि पूरे राज्य की महानगर पालिकाओं ने व्यवसाय की जानकारी दर्ज की है किंतु नागपुर महानगर पालिका में यह नहीं हुआ है. इस कानून को अमल में लाने की शुरुआत करने से अब लाइसेंस राज का आरोप कर विरोध किया जा रहा है. मैं यदि नियमों के अनुसार कार्य कर रहा हूं, तो लाइसेंस राज कैसे?, व्यापारी निवासी इमारतों में व्यापार कर रहे, तो उनकी मनमानी चलेगी क्या?. ऐसा प्रतिप्रश्न करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवसायों का पंजीयन होकर रहेगा. लोगों में भ्रम फैलाना बंद कर व्यापारियों को राजनीति बंद कर देना चाहिए. नियमों के अनुसार व्यापार करने का सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा कि अब कुछ व्यापारिक संगठनों ने आवेदन न करने की अपील व्यापारियों से की है. अब तक आवेदन करने की कोई भी समयावधि तय नहीं की गई थी किंतु अब लाइसेंस के लिए समयावधि निश्चित की जाएगी. निर्धारित समयावधि में यदि आवेदन नहीं किया गया तो दूकान नहीं खोल सकेंगे. कोरोना की आड़ में नियमों को दरकिनार नहीं किया जा सकेगा.

कर्मचारियों की करानी होगी कोरोना जांच… 

मुंढे ने कहा कि व्यापारी और कर्मचारी कोरोना के प्रसारक हो सकते हैं. कोरोना के संदर्भ में जारी दिशा-निर्देशों का यदि पालन नहीं करना है तो दूकानों को बंद करना होगा. व्यापारियों के कारण शहर नहीं चलता है. शहर में 30 लाख लोग रहते हैं. लोगों की जान बचाने के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार दूकानों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी कोरोना जांच करानी ही होगी. उन्होंने कहा कि कर्मचारी रखने के लिए व्यापारियों के पास पैसे हैं लेकिन उनकी जांच कराने के लिए पैसे नहीं हैं. इस तरह की आपत्ति नहीं चलेगी. इस संदर्भ में व्यापारियों के साथ पहले ही चर्चा होने की जानकारी भी उन्होंने दी.

 

 

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