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नागपुर समाचार : भीषण गर्मी से बढ़ा बिजली पर दबाव, बिजली कटौती और क्या हैं तकनीकी कारण

नागपुर समाचार : लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच नागरिकों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए बिजली कंपनियों के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी २४ घंटे मैदान में काम कर रहे हैं। गर्मियों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से तकनीकी और प्राकृतिक कारणों के चलते कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। अधिकारियों के अनुसार यह समस्या बिजली की कमी के कारण नहीं, बल्कि अत्यधिक लोड के कारण उत्पन्न हो रही है।

नागपुर शहर में फरवरी महीने में जहां बिजली की मांग करीब ४७० मेगावॉट थी, वहीं गर्मी बढ़ने के साथ यह मांग पहले ८०० मेगावॉट और अब सीधे ९५० मेगावॉट के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। घरों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एक साथ एसी, कूलर और पंखों के उपयोग से बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। अत्यधिक लोड के कारण स्थानीय ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं।

बाहरी गर्मी और अंदरूनी दबाव की वजह से ट्रांसफार्मर का ऑयल अत्यधिक गर्म हो जाता है, जिससे बड़े नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा फ्यूज स्वतः उड़ जाता है। ऐसे मामलों में बिजली कर्मचारी देर रात तक मरम्मत कार्य में जुटे रहते हैं। गर्मी के साथ-साथ अप्रैल और मई में आने वाले तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और प्री मानसून बारिश से भी बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार पेड़ गिरने और तार टूटने जैसी घटनाओं के चलते सुरक्षा कारणों से बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाती है। मौसम सामान्य होते ही युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाता है।

आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए बिजली विभाग प्री-मानसून मेंटेनेंस अभियान भी चला रहा है। इसके तहत खतरनाक पेड़ों की शाखाएं काटना, खराब इंसुलेटर बदलना और सबस्टेशनों की मरम्मत जैसे कार्य किए जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि भविष्य में बड़े हादसे और तकनीकी खराबियां रोकने के लिए यह नियोजित शटडाउन बेहद जरूरी हैं।

बिजली वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से ६०२.९८ करोड़ रुपये की विकास योजना पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत शहर में ९ और ग्रामीण क्षेत्रों में १२ नए ३३/११ केवी उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं, जबकि ७ मौजूदा उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

योजना के अंतर्गत ४०५ नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, १५६ किलोमीटर नई ओवरहेड लाइन और ३०० किलोमीटर भूमिगत बिजली लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा टाउन डीपीआर योजना के तहत ७८३ करोड़ रुपये की अतिरिक्त परियोजनाओं पर भी काम प्रस्तावित है। इसमें २४ नए उपकेंद्र, ८ उपकेंद्रों में नए ट्रांसफार्मर तथा कई बिजली लाइनों के विस्तार का समावेश है। करीब १३८५ करोड़ रुपये की इन योजनाओं से नागपुर जिले की बिजली वितरण व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और आधुनिक बनने की उम्मीद है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दोपहर और रात के पीक ऑवर्स में बिजली का अनावश्यक उपयोग न करें तथा भारी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार ही करें, ताकि व्यवस्था पर दबाव कम हो सके।