नागपुर समाचार : नागपुर महानगर पालिका ने आगामी 20 वर्षो के लिए नागपुर शहर का डेवलपमेंट प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रस्तावित मास्टर प्लान के तहत मनपा ने शहर की सीमा भी तय कर दी है। मनपा ने हुडकेश्वर और नरसाला को नए मास्टर प्लान में जहां शामिल किया है, वहीं शामिल स्मार्ट सिटी, मेट्रो द्वारा विकसित किये जा रहे क्षेत्रों का बाहर रखा है। नए मास्टर प्लान के तहत अब मनपा आगामी दो दशकों के तहत शहर की बढ़ती जनसँख्या के लिए जरूरी नागरिक सुविधाओं के भूमि का आरक्षण कर सकेगी। ज्ञात हो कि, करीब 25 साल बाद मनपा का यहाँ नया मास्टर प्लान बनाया जा रहा है।
नागपुर महानगरपालिका ने शहर के समग्र और टिकाऊ विकास के लिए आगामी 20 वर्षों (2025–2045) तक का नया मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ज्ञात हो कि, ताऊ नियमो अनुसार, हर 20 वर्षो में शहर का मास्टर प्लान तैयार किया जाता है। इससे पहले शहर का पिछला मास्टर प्लान 2001 में नागपुर सुधार प्रन्यास द्वारा बनाया गया था। मनपा द्वारा बनाए जा रहे नए मास्टर प्लान के तहत इस बार 2013 में महापालिका क्षेत्र में शामिल किए गए नरसाला और हुडकेश्वर को भी जोड़ा गया है। 2001 के विकास रचना में इन इलाकों का समावेश नहीं था। अब इन्हें नए डीपी में समाहित किया गया है, जिससे शहर की सीमा भी बढ़ गई है। एक तरफ जहां नए क्षेत्रों को को जोड़ा गया है, वहीं दूसरी तरफ नागपुर स्मार्ट सिटी, मेट्रो द्वारा विकसित किए जा रहे क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है।
मनपा द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नए मास्टर प्लान में
स्मार्ट सिटी प्रकल्प के अंतर्गत आने वाले – पारडी, पूनापूर, भरतवाडा, भांडेवाडी
महामेट्रो के अंतर्गत आने वाले – अजनी, अंबाझरी, जयताला, सोमलवाडा, इंदोरा, सिताबर्डी आदि सहित
मिहान क्षेत्र
को बाहर रखा गया है। इन क्षेत्रों के अपने स्वतंत्र विकास प्राधिकरण होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
नए मास्टर प्लान के तहत महानगरपालिका आगामी 20 वर्षो के लिए जनसँख्या के अनुसार आधारभूत सुविधाओं का निर्माण करेगी। इन सब निर्माण के लिए मनपा भूमि का आरक्षण तय करेगी। द्वारा विकसित किए जा रहे इस मास्टर प्लान में निम्नलिखित आधारभूत सुविधाओं के लिए आरक्षण प्रस्तावित किया गया है।
शासकीय और निजी स्कूलें
मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों का नेटवर्क
उद्यान, खेल मैदान और सांस्कृतिक भवन
जलस्रोत, ओवरहेड टैंक और जलकुंभ
इस मास्टर प्लान को GIS आधारित तकनीक से तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य के विकास को अधिक स्मार्ट, पर्यावरणोन्मुख और नागरिक केंद्रित बनाया जा सके। नए डीपी के तहत संपूर्ण शहर का नक्शा और आरक्षणों की सूची तैयार होने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद 60 दिनों की अवधि में नागरिकों से सुझाव और आपत्तियाँ आमंत्रित की जाएंगी। प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा।
प्रस्तावित अंतिम प्लान को नागपुर मनपा के सभागृह में चर्चा और मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलने के बाद इसे राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग को अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में लगभग 2 साल का समय लग सकता है। नए डीपी में नागपुर सुधार प्रन्यास द्वारा पूर्व में विकसित की गई 7 योजनाओं को भी इस नए मास्टर प्लान में शामिल किया जा रहा है।




