

महापौर श्रीमती नीता ठाकरे की जानकारीकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हस्ते 5 जून को होगा शुभारंभ
नागपुर समाचार : नागपुर महानगरपालिका द्वारा शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनसहभागिता के माध्यम से आगामी एक वर्ष में 5 लाख पौधों का वृक्षारोपण करने का महत्वाकांक्षी अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान की जानकारी महापौर श्रीमती नीता ठाकरे ने दी।
इस महाअभियान का शुभारंभ 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को सुबह 10 बजे सुयोगनगर स्थित उद्यान में केंद्रीय परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के हस्ते किया जाएगा।
पर्यावरण पखवाड़े के तहत 5 जून से 21 जून (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) तक शहर के नदी, नाले, तालाब और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। महापौर ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर यह पहल की जा रही है।
इस अभियान के अंतर्गत शहर के उद्यान, नदी-तलाव किनारे, बाहरी क्षेत्र एवं प्रत्येक प्रभाग में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से वृक्षारोपण किया जाएगा। मानसून के दौरान उद्यान विभाग और सामाजिक वनीकरण विभाग के सहयोग से बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे तथा उनकी देखरेख के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
स्वच्छता अभियान का विस्तृत कार्यक्रम
- 5 जून: वृक्षारोपण
- 6 जून: तालाब सफाई
- 7 जून: साइकिल रैली
- 8 जून: उद्यान सफाई
- 9 जून: मैदान सफाई
- 10 जून: धार्मिक स्थल सफाई
- 11 जून: बाजार, मॉल एवं मंडी सफाई
- 12 जून: घाट सफाई
- 13 जून: वाहनतल सफाई
- 14 जून: ई-वेस्ट संग्रह अभियान
- 15 जून: अस्पताल सफाई
- 16 जून: सोसायटी व मोहल्ला सफाई
- 17 जून: हेरिटेज व पर्यटन स्थल सफाई
- 18 जून: बस्तियों की सफाई
- 19-20 जून: कार्यशाला, चित्रकला स्पर्धा व सौंदर्यीकरण
- 21 जून: योग दिवस एवं प्रतिभागियों का सम्मान
विशेष उपक्रम
तालाबों में बढ़ती जलपर्णी हटाने के लिए प्रतिदिन 150–200 टन सफाई कार्य अतिक्रमण हटाने हेतु ‘मिशन 100 डेज’ अभियान जारी रहेगा
7 जून को सुबह 6:30 बजे साइकिल मैराथन का आयोजन
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि यह अभियान केवल मनपा का नहीं, बल्कि पूरे शहर की जिम्मेदारी है। सभी नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों को इसमें सक्रिय सहभाग लेना चाहिए।
इस अवसर पर उपमहापौर, स्थायी समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।





