भाऊसाहब गडकरी को प्रदान पुरस्कार नितिन गडकरी को प्रदान
नागपुर समाचार : भाऊसाहब चांद्रायण भारतीय मजदूर संघ की रीढ़ थे। उस समय भारतीय मजदूर संघ या संघ विचार के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। वह परीक्षा का समय था; लेकिन ऐसे समय में भी भाऊसाहब ने अत्यंत निष्ठा, परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किया, इन शब्दों में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भाऊसाहब चांद्रायण के कार्यों का गौरव किया।
सेंटर फॉर डेवलपमेंट रिसर्च, नागपुर द्वारा आयोजित पहला भाऊसाहब चांद्रायण स्मृति पुरस्कार नितिन गडकरी को प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. कपिल चांद्रायण लिखित पुस्तक ‘सामान्यातील असामान्य भाऊसाहेब’ का प्रकाशन भी किया गया। यह पुरस्कार विकास, शोध और सार्वजनिक जीवन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। कार्यक्रम के मंच पर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विकास सिरपुरकर, डॉ. कपिल चांद्रायण और दिलीप चांद्रायण उपस्थित थे।
गडकरी ने कहा कि चांद्रायण परिवार से घनिष्ठ पारिवारिक संबंध होने के कारण शुरुआत में उन्हें यह पुरस्कार स्वीकार करने में संकोच हो रहा था। उन्होंने याद किया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम करते समय उनका परिचय भाऊसाहेब चांद्रायण से हुआ था। भाऊसाहब पर दत्तोपंत ठेंगड़ी के व्यक्तित्व का गहरा प्रभाव था। दत्तोपंत ठेंगड़ी प्रतिभाशाली व्यक्तित्व थे। भाऊसाहब ने जीवनभर उनके मार्गदर्शन में काम किया।
मजदूर आंदोलन से जुड़े अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा, मैं भाजपा का विधान परिषद सदस्य होते हुए भी भारतीय मजदूर संघ का अध्यक्ष था। दत्तोपंत ठेंगड़ी ने मुझे ऐसा करने की अनुमति दी थी। आगे चलकर मैं इंटक का प्रदेश अध्यक्ष भी बना। उन्होंने कहा कि बैंक, सरकारी कार्यालयों और संगठित क्षेत्र में मजदूर संगठनों को मिली सफलता ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं के सतत योगदान के कारण ही संभव हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विकास सिरपुरकर ने की। उन्होंने कहा कि पहले भाऊसाहब चांद्रायण स्मृति पुरस्कार के लिए नितिन गडकरी का चयन हर दृष्टि से उचित है। उन्होंने कहा, इस पुरस्कार कोपहले ही वर्ष बड़ी प्रतिष्ठा मिली है, क्योंकि यह नितिनजी को प्रदान किया जा रहा है।
न्यायमूर्ति सिरपुरकर ने कहा कि भाऊसाहब चांद्रायण और नितिन गडकरी के कायों में निस्वार्थ सेवा का समान भाव दिखाई देता है।
उन्होंने आगे कहा कि गडकरी को अनेक पुरस्कार मिले हैं और भविष्य में भी अनेक सम्मान मिलेंगे; लेकिन भाऊसाहब की स्मृति से जुड़ा यह पुरस्कार उनके लिए हमेशा विशेष रहेगा। इससे पहले डॉ. कपिल चांद्रायण ने प्रास्ताविक भाषण दिया। उन्होंने भाऊसाहब चांद्रायण की स्मृति में यह पुरस्कार शुरू करने के पीछे की भूमिका स्पष्ट की। ‘सामान्यातील असामान्य भाऊसाहेब’ पुस्तक के उद्देश्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि भाऊसाहेब का समाज और राष्ट्र के लिए किया गया निस्वार्थ कार्य नई पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन नूपुर देशपांडे ने किया। अधिवक्ता शांतनू जोग ने आभार माना। चांद्रायण परिवार के सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, शोधकर्ता, सार्वजनिक जीवन से जुड़े गणमान्य व्यक्ति और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




