नागपुर समाचार : महापौर नीता ठाकरे ने कहा कि शहर के सभी श्मशान घाटों की बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और इन सभी स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
शहर के श्मशान घाटों की वर्तमान स्थिति और वहां की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के संबंध में महापौर नीता ठाकरे ने सोमवार को मनपा मुख्यालय में बैठक ली. इस अवसर पर उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दाणी, सत्तापक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुख्य अभियंता मनोज तालेवार, नगर रचना विभाग के उपसंचालक गिरीश गोडबोले, उपायुक्त राजेश भगत, मंगेश खवले और मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले उपस्थित थे।
बैठक में सबसे पहले शहर के दस जोनों में स्थित 21 श्मशान घाटों की जानकारी दी गई. इन घाटों पर उपलब्ध सुविधाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया तथा उनके सुदृढ़ीकरण और विकास के लिए पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया गया. महापौर ने निर्देश दिए कि श्मशान घाटों के विकास और सौंदर्याकरण के लिए अन्य शहरों के श्मशान घाटों का भी अध्ययन किया जाए।
श्मशान घाटों के अतिक्रमण हटाएं
महापौर ठाकरे यह भी कहा कि प्रत्येक श्मशान घाट के क्षेत्रफल की स्पष्ट जानकारी ली जाए और वहां सुरक्षा दीवार बनाई जाए, ताकि असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोका जा सके. इसके साथ ही सुरक्षा के लिए गार्ड की तत्काल नियुक्ति की जाए. कुछ श्मशान घाटों में अतिक्रमण के कारण अंतिम यात्रा ले जाने में कठिनाई हो रही है. इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाएं, शहर के श्मशान घाटों की सुविधाएं, वहां उपलब्ध नागरिक सुविधाएं और कुल कर्मचारियों की संख्या आदि से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट अगले आठ दिनों में प्रस्तुत करने के निर्देश भी महापौर ने दिए।




