नागपुर समाचार : नागपुर शहर में सबसे पहले बहुमंजिला टावर्स की शुरुआत करने वाली गणेशपेठ स्थित आनंदम वर्ल्ड सिटी टाउनशिप में दिगंबर और श्वेतांबर दोनों संप्रदायों के अनुयायियों के लिए दुनिया का पहला संयुक्त जैन मंदिर बनाया जा रहा है। इस मंदिर का भूमिपूजन समारोह रविवार सुबह जैन मुनि आचार्य सुविरसागर महाराज की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राज्य के गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, पूर्व सांसद अजय संचेती, पूर्व मंत्री परिणय फुके, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी, उद्योगपति उज्ज्वल पगारिया, वर्धमान बैंक के अध्यक्ष अनिल पारख, संतोष पेंढारी, निर्मलादेवी सरावगी, राजेश सरावगी, मनोज सरावगी, राकेश सरावगी, महाराष्ट्र भाजपा व्यापारी के अध्यक्ष विक्की कुकरेजा, श्रवण कुकरेजा एमडी कुकरेजा इन्फ्रास्ट्रक्चर्स, निखिल कुसुमगर, राकेश पाटनी, सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
प्रस्तावना रखते हुए डायरेक्टर प्रतीक सरावगी व मिताली सरावगी ने इस प्रोजेक्ट व भविष्य में भव्य निर्माण होने वाले कार्यों की सम्पूर्ण जानकारी दी। सबसे पहले धार्मिक विधियां संपन्न की गईं, इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को आचार्य सुविरसागर महाराज ने मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया में हर जगह अशांति का वातावरण दिखाई देता है, लेकिन भारत में शांति और संतोष का भाव दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि भारत देवी-देवताओं और भगवानों की जन्मभूमि है। इस भूमि पर संत-महंतों की कृपा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है, लेकिन वहीं तीर्थंकरों का भी जन्म हुआ था। इसलिए आने वाले समय में अयोध्या और सम्मेदशिखर जैसे तीर्थ स्थान सदैव टिके रहने वाले होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर में बनने वाला यह संयुक्त जैन मंदिर और नागपुरवासियों द्वारा रचा गया यह इतिहास पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी बनेगा। इस अवसर पर डॉ. पंकज भोयर ने कहा कि आनंदम में दोनों संप्रदायों के मंदिरों का संयुक्त निर्माण होना अत्यंत खुशी की बात है।
दयाशंकर तिवारी ने कहा कि तपस्वी जीवन और समाज जागरण जैन मुनियों की विशेषता है। इस मंदिर से श्रद्धालुओं को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के कार्यों का भी गौरवपूर्ण उल्लेख किया।
अजय संचेती ने कहा कि इस मंदिर के माध्यम से दोनों परिवारों के एकीकरण की शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर प्रतीक सरावगी ने अपनी पत्नी के साथ मनोगत व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त जैन मंदिर के निर्माण से आनंदम जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। इस दौरान आचार्य प्रशमपति विजयजी महाराज के संदेश का वाचन उद्योगपति निखिल कुसुमगर ने किया। वहीं उज्ज्वल पगारिया ने अपने मनोगत में कहा कि संयुक्त मंदिर की स्थापना दोनों समुदायों के लिए अत्यंत सुखद क्षण है।
औपचारिक समारोह के दौरान आचार्य सुवीरसागर महाराज के पीछे इस संयुक्त मंदिर की प्रतिकृति का अनावरण किया गया और उसे उपस्थित श्रद्धालुओं को दिखाया गया। उस समय उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन नितिन नखाते व आभार प्रदर्शन अतुल कोटेचा ने माना।
पत्थरों से बनेगा कलात्मक मंदिर
आनंदम वर्ल्ड सिटी में बनने वाला यह मंदिर पत्थरों से निर्मित एक कलात्मक वास्तु होगा। इसमें लोहे का उपयोग नहीं किया जाएगा। मंदिर में दिगंबर और श्वेतांबर संप्रदायों के लिए दो अलग-अलग गर्भगृह होंगे। मंदिर के साथ संत निवास की भी व्यासवस्था रहेगी। सबसे खास बात यह है कि यह पूरा परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा।
इस अवसर पर प्रमुखता से नितिन भाई खारा, अरुण कोटेचा, दिलीप रांका संतोष पेंढारी, मनीष मेहता, दिलीप जैन, निर्भय संचेती, वरुण पारख, राकेश पाटनी, सतीश पेंढ़ारी, नितिन महाजन, मानू बोर्डिया, सुनील बांठिया, भरतभाई दोषी, संजय पुगलिया, दिलीप राखे, सुरेश ओस्तवाल, मनीष छल्लानी, सुरेश पारख, प्रभात धाड़ीवाल, नरेश छाजेड, सुभाष कोटेचा, दिलीप गांधी, संजय पुगलिया, अमित जैन, सचिन टाटिया, संजय अग्रवाल (सन विजय), डॉ नरेंद्र भुसारी, सिद्धार्थ पारख, राजेश जैन, राजेंद्र बैंड, पंकज बोरा, पवन कान्नीवाडा, शरद चौधरी, अरुण पटौदी, हुकुमचंद सेठी, अशोक लाड, विनय जुननकर सुभाष कुकेकर, डॉ अरविंद भागवतकर, प्रशांत भुसारी, नगरसेविका वैशाली उदपुरकर, सहित बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।




