नागपुर समाचार : विद्यालय को शिक्षा का मंदिर माना जाता है लेकिन नागपुर में सामने आई एक घटना ने इस धारणा को झकझोर कर रख दिया है। मामूली बात पर ७वीं कक्षा की १३ वर्षीय छात्रा के साथ शिक्षिका और स्कूल की मुख्याध्यापिका द्वारा बेरहमी से मारपीट किए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। इस प्रकरण में १०९८ चाइल्ड हेल्पलाइन की शिकायत पर यशोधरानगर पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है।
संघर्षनगर, पीली नदी क्षेत्र में रहने वाली यह छात्रा नागपुर के एक स्थानीय स्कूल में कक्षा ७वीं में पढ़ती है। २२ जनवरी को हिन्दी विषय की कक्षा के दौरान छात्रा ने अपनी सहेली से दर्पण लेकर दूसरी छात्रा को दिया। इसी बात पर शिक्षिका का गुस्सा भड़क उठा। संबंधित शिक्षिका तस्लीम परवीन ने बिना उचित कारण के छात्रा को ५-६ जोरदार थप्पड़ मारे।
शिक्षिका और मुख्याध्यापिका पर मामला दर्ज
इसके बाद स्कूल की मुख्याध्यापिका नसरीन अख्तर ने छात्रा को कार्यालय में बुलाकर स्टील की स्केल से बेरहमी से पीटा। मारपीट में छात्रा के हाथ-पैरों पर गंभीर चोटे आई। छात्रा के पिता ने पहले स्कूल प्रशासन से शिकायत की लेकिन प्रशासन ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए दबाने का प्रयास किया। अंततः २५ जनवरी को १०९८ चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई।
हेल्पलाइन प्रतिनिधियों ने तत्काल छात्रा के घर जाकर काउंसिलिंग की और उसका बयान दर्ज किया। चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा यशोधरानगर पुलिस स्टेशन को जानकारी दी गई। २६ जनवरी को पुलिस ने छात्रा की मेयो अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराई, जबकि २७ जनवरी को स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किए गए।
हालांकि छात्रा के पिता कानूनी प्रक्रिया को लेकर भय के कारण हिचकिचा रहे थे लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि स्वयं फरियादी बने और शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर पुलिस ने शिक्षिका और मुख्याध्यापिका के खिलाफ विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान तथा चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि मंगला टेंभुर्णे, अनिकेत भिवगड़े और मीनाक्षी घडाडे द्वारा की गई।




