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प्रफुल्ल पटेल के जीत पर जश्न का माहौल राकांपा कार्यकर्ताओं में उत्साह, स्वागत की जोरदार तैयारियां

गोंदिया। महाराष्ट्र में 10 जून शुक्रवार को राज्यसभा की 6 सीटों के लिए भारी गहमागहमी के बीच मतदान हुआ।राज्यसभा की छठी सीट को लेकर बीजेपी और शिवसेना में कड़ी टक्कर थी लिहाजा मतगणना को लेकर देर रात तक ड्रामा चला और 11 जून शनिवार तड़के घोषित नतीजों में महा विकास आघाड़ी गठबंधन और मुख्य विपक्षी दल भाजपा को बराबर- बराबर की सीटों पर जीत मिली।

6 में से 4 सीटों पर जीत की उम्मीद लगाए बैठे एमवीए गठबंधन को इन नतीजों से बड़ा झटका लगा है लेकिन भाजपा 50 फ़ीसदी यानी 3 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही वहीं चौथी सीट के लिए महा विकास आघाड़ी सरकार के उम्मीदवार संजय पवार को हार का सामना करना पड़ा है जिसे गठबंधन सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

विशेष उल्लेखनीय के गठबंधन में शामिल तीनों दल कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा को एक-एक सीट पर जीत मिली।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से प्रफुल्ल पटेल एक बार फिर उच्च सदन के लिए चुने गए हैं वहीं कांग्रेस से इमरान प्रतापगढ़ी और शिवसेना से संजय राऊत राज्यसभा में पहुंचे हैं।

भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अलावा अनिल बोंडे और धनंजय महाडिक राज्यसभा चुनाव जीते हैं।

यहां बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं लेकिन एक शिवसेना विधायक के निधन तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के 2 विधायकों अनिल देशमुख और नवाब मलिक के जेल में होने के कारण प्रभावी संख्या 285 रह गई थी।

महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव के लिए एक वोट खारिज होने पर 284 वोट वैध माने गए , प्रत्येक प्रत्याशी को जीत के लिए 41 मत चाहिए थे।
भाजपा प्रत्याशियों पियूष गोयल व अनिल बोंडे को 48- 48 वोट मिले जबकि तीसरे प्रत्याशी धनंजय महाडिक को न्यूनतम 41 वोट मिले और तीनों ही चुनाव जीत गए।

इसी तरह कांग्रेस प्रत्याशी इमरान प्रतापगढ़ी को 44 वोट मिले , राकांपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल को 43 वोट मिले और शिवसेना नेता संजय राउत को न्यूनतम 41 वोट मिले।

प्रफुल्ल पटेल को एक अतिरिक्त वोट मिला जिसे अब शरद पवार भाजपा समर्थित एक निर्दलीय विधायक का अतिरिक्त वोट बता रहे है।

चौराहों पर लगे होर्डिंग, राकांपा ने आतिशबाजी कर मिठाई बांटी

बिगड़ते चुनावी गणित के बाद महाविकास आघाड़ी गठबंधन में जहां मायूसी है वहीं प्रफुल्ल पटेल के फिर से राज्यसभा के सदन में पहुंचने पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस जीत को लेकर खुशी की लहर है।

महाराष्ट्र में 6 सीटों के लिए 7 उम्मीदवार होने से महा विकास आघाड़ी और प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी में चुनाव दौरान कड़ी टक्कर देखने को मिली।

बेहतरीन रणनीति और साझा प्रयासों के चलते देवेंद्र फडणवीस छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों को साधने में कामयाब रहे वहीं त्रिशंकु सरकार विधायकों को एकजुट रखने में असफल रही जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा।

बात राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल की की जाए तो वर्ष 2000 में पहली बार वो उच्च सदन के लिए चुने गए।

प्रफुल्ल पटेल 2006 में फिर से चुने गए लेकिन लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

शरद पवार का उन पर कितना भरोसा है इसी बात से समझा जा सकता है कि 2014 में मोदी लहर में जब वे लोकसभा चुनाव हार गए थे तो पवार ने उन्हें बिना देर किए तुरंत राज्यसभा में भेजने का इंतजाम किया।

और 2016 में फिर से उच्च सदन के लिए चुने गए तथा अब 2022 में फिर से वे राज्यसभा के सदन में पहुंचे हैं।

नवनिर्वाचित सांसद प्रफुल्ल पटेल का आज भव्य नागरिक सत्कार

राज्यसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसद प्रफुल्ल पटेल के आज शनिवार 11 जून को गोंदिया आगमन पर भव्य स्वागत की तैयारियां की गई है।

देर रात तक चुनाव परिणामों पर टकटकी लगाए बैठे एनसीपी कार्यकर्ताओं ने उनकी जीत को लेकर शहर के चौक चौराहों को बैनर होर्डिंग पोस्टर से पाट दिया है वहीं रेलटोली स्थित प्रफुल्ल पटेल के जनसंपर्क कार्यालय से पूर्व विधायक राजेंद्र जैन के मार्गदर्शन में आज भव्य बाइक रैली निकाली गई , इस दौरान राकांपा कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर आतिशबाजी करते हुए मिठाई का वितरण किया।

आज 11 जून शनिवार शाम 5:00 बजे प्रफुल्ल पटेल के गोंदिया आगमन पर एनएमडी कॉलेज ऑडिटोरियम परिसर में भव्य नागरिक सत्कार की तैयारियां की गई हैं जिसमें शहर की सामाजिक संस्थाओं व गणमान्य नागरिकों तथा पत्रकार संगठनों द्वारा नवनिर्वाचित सांसद प्रफुल्ल पटेल का सत्कार किया जायेगा।

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