कुलगुरु ने मिलने से किया इंकार; छात्रों ने ‘कुंडियां’ भेंट कर समस्याओं का दिलाया स्मरण
नागपुर समाचार : राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कथित ढीले और अव्यवस्थित प्रशासन के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) एक बार फिर आक्रामक हो गया है। इससे पहले दो बार सौंपे गए 20 सूत्रीय मांग पत्र पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से छात्रों में भारी नाराज़गी है और उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हाल ही में सामने आई खबरों के अनुसार नागपुर में लू (हीट स्ट्रोक) से 4 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, बावजूद इसके विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में आज भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में तथा भाजयुमो अध्यक्ष सचिन करारे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय पहुंचकर द्वितीय स्मरण पत्र (रिमाइंडर) सौंपते हुए 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया।

इस दौरान छात्रों की समस्याओं को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने के लिए 20 कुंडियां (गमले) तथा 100 पौधे विश्वविद्यालय प्रशासन को भेंट किए गए। उल्लेखनीय है कि कुलगुरु महोदया ने आज भी छात्रों से मिलने से इंकार कर दिया और आंदोलन के दौरान परिसर में उपस्थित नहीं रहीं। इससे छात्रों में यह भावना और प्रबल हुई कि प्रशासन उनके मुद्दों से बचने का प्रयास कर रहा है।
कुलगुरु की इस उदासीनता से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया और चेतावनी दी कि जब तक कुलगुरु स्वयं आकर छात्रों से संवाद नहीं करतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अंततः प्र-कुलगुरु डॉ. पेशवे ने बाहर आकर छात्रों से संवाद किया और आश्वासन दिया कि कुछ मांगों पर आंशिक कार्रवाई की गई है तथा शेष मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए भाजयुमो अध्यक्ष सचिन करारे ने कहा कि, “वर्तमान में परीक्षा के दौरान छात्रों को तकनीकी समस्याएं, हॉल टिकट में त्रुटियां और परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्थाओं के कारण मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
भाजयुमो ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर सभी 20 मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे भी अधिक उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलगुरु की होगी।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थिति दर्ज कराई।




