नागपुर समाचार : महिला आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर केन्द्र सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। नागपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार परिषद में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अवनी बंसल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्ष 2023 में संसद में पारित हुआ महिला आरक्षण कानून आज तक लागू नहीं किया गया, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है तो बिना किसी देरी के इस कानून को लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने जानकारी दी कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग द्वारा देशभर में 27 स्थानों पर इस विषय को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। बंसल ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन जैसे जटिल संवैधानिक विषय से जोड़ना अनावश्यक है और इससे केवल लागू करने में देरी हो रही है। उनका कहना था कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के आधार पर ही इसे तुरंत लागू किया जा सकता है।
पत्रकार परिषद में शहर उपाध्यक्ष दिनेश बानाबाकोडे, मनपा में विपक्ष के नेता संजय महाकालकर, कुंदा राऊत, संगीता तलमले, अतुल कोटेचा, संदेश सिंगलकर और मुजीब पठान सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। बंसल ने संघ और भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि महिलाओं को उनके संगठन में समान स्थान क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने हाथरस प्रकरण और महिला खिलाड़ियों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में भाजपा की चुप्पी चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं के अधिकारों को लेकर मजबूत इतिहास रहा है और पंचायत व नगर पालिका स्तर पर 33 प्रतिशत आरक्षण देकर लाखों महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान किया गया है। अंत में उन्होंने सभी महिलाओं से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी की दया नहीं बल्कि आधी आबादी का अधिकार है, जिसके लिए कांग्रेस जनजागरण और आंदोलन को और तेज करेगी।




