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नागपूर समाचार : गोरेवाड़ा तालाब के पानी पर सियासत तेज, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

नागपुर समाचार : गोरेवाड़ा तालाब के पानी को लेकर शहर में सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस और भाजपा इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस नगरसेवक शैलेश पांडे ने गोरेवाड़ा तालाब में सीवेज का पानी मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीवेज का पानी तालाब में मिल रहा है और उसी पानी को ट्रीटमेंट कर नागरिकों को वितरित किया जा रहा है। 

हालांकि, इन आरोपों को मनपा जल प्रदाय समिति की सभापति दिव्या धुरड़े ने बेबुनियाद और भ्रामक बताया। तकनीकी रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गोरेवाड़ा तालाब का पानी पूरी तरह स्वच्छ है और उसमें किसी भी प्रकार का सीवेज या गंदा पानी नहीं मिल रहा है।

आरोपों के बाद सभापति दिव्या धुरड़े ने उपसभापति विजय (पिंटू) झलके, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी और कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाईकर के साथ गोरेवाड़ा तालाब तथा पेंच-I, II और III जलशुद्धिकरण प्रकल्पों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तालाब में सांडपानी मिलने का दावा पूरी तरह गलत है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) 2.0 mg/L से कम पाई गई, जो अत्यंत स्वच्छ पानी का संकेत है, जबकि सीवेज में यह 200–600 mg/L तक होती है। केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD) मात्र 15 mg/L दर्ज की गई, जो निर्धारित सीमा से काफी कम है। साथ ही अमोनिया की मात्रा शून्य पाई गई, जिससे स्पष्ट है कि तालाब में सीवेज का कोई प्रवाह नहीं हो रहा है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पानी में घुलित ऑक्सीजन (DO) का स्तर संतुलित है और तालाब में मछलियों की मौजूदगी स्वस्थ जलजीव प्रणाली को दर्शाती है। पानी का पीएच स्तर 8.27 और TDS 198 mg/L पाया गया, जो दोनों निर्धारित मानकों के भीतर हैं।

निरीक्षण के दौरान सभापति ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल गोरेवाड़ा तालाब से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है और इसे केवल आपातकालीन स्थिति के लिए सुरक्षित रखा गया है। समिति के समक्ष पानी का नमूना लेकर विस्तृत जांच के लिए भेजा गया है।

क्या आरोप लगाए थे पांडे ने?

कांग्रेस नगरसेवक शैलेश पांडे ने मनपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जलप्रदाय विभाग दूषित पानी को ट्रीटमेंट कर नागरिकों को वितरित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यकता पड़ने पर गोरेवाड़ा तालाब से पानी लिया जाता है, लेकिन तालाब में सीवर का पानी भी मिल रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को 20 मार्च को हुई मनपा की आम सभा में भी उठाया था और आरोप लगाया कि जलप्रदाय विभाग की ओर से सदन में गलत जानकारी दी गई।