नई दिल्ली/नागपुर समाचार : भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और नागपुर की पूर्व महापौर मायाताई ईवनाते ने आज राज्यसभा सदस्य के रूप में आधिकारिक रूप से शपथ ग्रहण की। उन्हें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शपथ दिलाई। नागपुर महानगरपालिका से शुरू हुआ एक निष्ठावान आदिवासी महिला कार्यकर्ता का यह सफर आज संसद के दरवाजे तक पहुंचने से पूरे विदर्भ सहित महाराष्ट्र में खुशी का माहौल है।
मायाताई ईवनाते का राजनीतिक सफर बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायी रहा है। वर्ष 2002 में पहली बार नगरसेविका चुने जाने के बाद, उन्होंने 2007 से 2009 तक नागपुर की महापौर के रूप में सफलतापूर्वक कार्य किया। इसके बाद उन्होंने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य के रूप में आदिवासी समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। वर्तमान में वे नागपुर महानगरपालिका में प्रभाग 12 से नगरसेविका के रूप में कार्यरत हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर पर नागपुर और महाराष्ट्र के कई प्रमुख पदाधिकारी दिल्ली में उपस्थित रहे। इनमें पूर्व विधायक एवं भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवरावजी होळी, पूर्व विधायक सुधाकरजी देशमुख, भाजपा नागपुर महामंत्री संदीपजी जाधव, उपाध्यक्ष संजयजी बंगाले, किशनजी गावंडे, संजय गिरगावकर, नरेशजी बर्डे, नगरसेविका साधना बरडे, नगरसेविका दर्शनी धवड, भाजपा आदिवासी आघाड़ी शहर अध्यक्ष नागपुर आकाश मडावी, आफ्रोट संगठन के अध्यक्ष राजेंद्रजी मरसकोल्हे, उपाध्यक्ष महेंद्र उईके, विवेक नागभिरे, दत्ता खोडे, प्रशांत कुमरे, शिवा कोकर्डे, डॉ. आशिष कोरेटी और कैलास उईके शामिल थे।
मायाताई ईवनाते के राज्यसभा में पहुंचने से नागपुर भाजपा में उत्साह का माहौल है। पार्टी ने जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकर्ता को यह अवसर देकर निष्ठा का सम्मान किया है। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से आने वाले समय में आदिवासी समाज और स्थानीय मुद्दों की आवाज संसद में और अधिक प्रभावी रूप से उठेगी।
इस अवसर पर भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी, महामंत्री श्रीकांत आगलावे, संदीप जाधव, रितेश गावंडे और मनीषाताई धावडे ने मायाताई को शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यों की सराहना की।
दयाशंकर तिवारी ने कहा कि “पार्टी ने एक वरिष्ठ और जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला कार्यकर्ता को राज्यसभा का अवसर देकर निष्ठा का सच्चा सम्मान किया है। मायाताई का अनुभव और जनसंपर्क अब देश को दिशा देने का काम करेगा।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मायाताई की नियुक्ति से आदिवासी समाज और स्थानीय मुद्दों की आवाज संसद में और अधिक मजबूती से




