वीएनआईटी के हॉल में मुख्य मंत्री करेंगे शुभारंभ, नितिन गडकरी के हाथों 05 अप्रैल को होगा समापन
नागपुर समाचार : विकसित महाराष्ट्र की परिकल्पना विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिवर्तनकारी परिप्रेक्ष्य के साथ घनिष्ठ रूप से संबंध है। शिक्षा एक प्रबुद्ध, कुशल और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाती है, जो समाज के समग्र विकास और नवाचार के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देती है। विकसित महाराष्ट्र की अवधारणा एक विकासशील, ज्ञान – आधारित राज्य की आवश्यकता पर बल देती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की यह संकल्पना है कि शैक्षिक संस्थान और उद्योग जगत समाज के समग्र विकास के लिए स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के आधार पर भविष्योन्मुखी कौशलों के संवर्धन के लिए परस्पर सहयोगपूर्वक कार्य करें।
‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में : विकसित महाराष्ट्र के लिए शिक्षा’ विषयक ज्ञान सभा का उद्देश्य शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, शिक्षण संस्थानों तथा उद्योग जगत को एक मंच पर लाना है ताकि वे सामूहिक रूप से चिंतन, विमर्श और विचार- मंथन करते हुए महाराष्ट्र में शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए प्रभावी रूप से कार्य कर सकें।
‘विकसित महाराष्ट्र के लिए शिक्षा’ विषयक इस दो- दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली की पहल पर किया जा रहा है। न्यास एक ऐसा संगठन है जिसका उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तनकारी नीतियों, भविष्योन्मुखी योजनाओं एवं भारतीय ज्ञान परंपरा की उपलब्धियों को भारतीय शिक्षा व्यवस्था का अंग बनाना तथा राष्ट्रीय अपेक्षाओं के अनुरूप शिक्षा नीति को प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की संकल्पना के अनुरूप शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास पूरे देश में ज्ञान सभा के आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शैक्षिक संस्थानों और उद्योग जगत के साथ संवाद का एक मंच निर्मित करने का प्रयत्न कर रहा है।
इसी कड़ी में विदर्भ अंचल में विकसित महाराष्ट्र की परिकल्पना को दृष्टिगत रखते हुए इस क्षेत्र की चार प्रमुख शैक्षिक संस्थाओं राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली,विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नागपुर तथा भारतीय प्रबंध संस्थान,नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र ज्ञान सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन 4 – 5 अप्रैल, 2026 को वीएनआईटी, नागपुर में संपन्न होगा।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों 4 अप्रैल, 2026 को वीएनआईटी के सभागार में संपन्न होगा। उद्घाटन समारोह राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, उच्च शिक्षा मंत्री श्री चंद्रकांत दादा पाटिल, शालेय शिक्षण मंत्री पंकज भोयर, माननीय राज्यपाल महोदय के सचिव डॉ. प्रशांत बी. नारनवरे, विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के शासी निकाय के अध्यक्ष माडा भूषि मदन गोपाल एवं लायड्स ग्रुप के प्रबंध निदेशक बी. प्रभाकरन की विशेष उपस्थिति में संपन्न होगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी करेंगे।
दो दिवसीय आयोजन में विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विकसित महाराष्ट्र के विभिन्न पक्षों पर चर्चा होगी।
संगोष्ठी का समापन समारोह नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, भारत सरकार की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न होगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के वित्त एवं कानून राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, नागपुर की महापौर सौ. नीताताई ठाकरे, विदर्भ औद्योगिक विकास संघ के अध्यक्ष आशीष काले एवं सोलर इंडस्ट्रीज नागपुर के अध्यक्ष पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस सत्र की अध्यक्षता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से विकसित महाराष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में उच्च शिक्षा की भूमिका पर विचार विमर्श करना है। यह ज्ञान सभा शिक्षाविदों, शैक्षणिक संस्थाओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में विचार विमर्श के लिए आमंत्रित करती है।
इसमें कौशल विकास पाठ्यक्रम, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट मानकों के स्थापन एवं प्रयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा का अवसर प्राप्त होगा। इस सम्मेलन में महाराष्ट्र के सामाजिक, आर्थिक विकास हेतु कौशल विकास को बढ़ावा देने की नीति पर चर्चा होगी। साथ ही , उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के निर्धारण और रोजगारोन्मुख नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार विमर्श किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षार्थी के समग्र व्यक्तित्व विकास पर बल देना, एक महत्वपूर्ण पक्ष है। इस सम्मेलन में विद्यार्थी के समग्र व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की योजनाओं पर चर्चा होगी।
महाराष्ट्र ज्ञान सभा का एक अहम् उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों की उत्कृष्ट कार्य नीति को साझा करना, संस्थानों में किया जा रहे नवाचारों व ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का प्रचार- प्रसार करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की वर्तमानकालिक प्रासंगिकता पर बल देना है। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की संकल्पना के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष पर चर्चा होगी।




