नागपुर समाचार : विंटर सेशन के दूसरे दिन विधान भवन के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया। कपास और सोयाबीन की बढ़ती कीमतों, प्रोडक्शन कॉस्ट और किसानों की बिगड़ती हालत के विरोध में विपक्षी पार्टी आज आक्रामक तेवर में दिखी।
विधान भवन में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने गले में सूत की माला पहनकर घुसते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महाविकास अघाड़ी के MLA बड़ी संख्या में विधान भवन एरिया में जमा हुए और नारे लगाए। “किसान भूखे हैं, सरकार आपके साथ है!”, “कपास बाती बन गई है, सोयाबीन मिट्टी बन गई है!” जैसे नारे पूरे एरिया में गूंजते रहे। विरोध के पोस्टर और कपास के बंडल लेकर विपक्ष ने सरकार की खेती की पॉलिसी पर सीधा हमला किया।
वडेट्टीवार ने कहा कि विदर्भ में कन्वेंशन हो रहा है, लेकिन विदर्भ के किसान ही टूट गए हैं। कपास सात हज़ार के आस-पास चल रहा है, सोयाबीन का कोई दाम नहीं बचा है। सरकार किसानों को गारंटीड दाम देने को तैयार नहीं दिख रही है। मदद और खरीद के सिस्टम का इस्तेमाल करने के बजाय, सिर्फ़ घोषणाएँ करने में दिन बीत रहे हैं।”
अंबादास दानवे, आदित्य ठाकरे और महा विकास अघाड़ी के दूसरे नेताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कन्वेंशन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की।
विपक्ष ने मांग की कि खेती की चीज़ों को सही दाम मिलें, परेशान किसानों को तुरंत मदद दी जाए और सरकारी खरीद सेंटर ठीक से चलते रहें। “किसानों का इंसाफ हमारी लड़ाई है। वडेट्टीवार ने चेतावनी देते हुए कहा, “भले ही सरकार सो रही हो, हम जाग रहे हैं।” उन्होंने बताया कि लड़ाई जारी रहेगी।
कन्वेंशन के पहले हफ़्ते में ही किसानों का मुद्दा गरमाने से, ऐसे संकेत हैं कि आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज़ होगा।




