नागपुर समाचार : इस समय शिवसेना शिंदे गुट के सदस्यों का भाजपा में आना ज़ोरों पर है। कई पदाधिकारी और पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस वजह से कहा जा रहा है कि शिवसेना शिंदे गुट महायुति से नाखुश है। शिवसेना शिंदे गुट के मंत्रियों ने कैबिनेट मीटिंग का बायकॉट किया। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, इस मीटिंग पर भी गरमागरम बहस हुई।
इसके बाद शिवसेना ठाकरे के नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना शिंदे गुट के 22 विधायक भाजपा की दया पर हैं। आदित्य ठाकरे के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा पलटवार किया है। अगर ऐसा कहा गया तो कल को कोई भी कह सकता है कि आदित्य ठाकरे के पास बीस विधायक हैं, वे भाजपा की दया पर हैं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि किसी के भी इस तरह के दावे का कोई मतलब नहीं है।
फडणवीस ने कहा, “अगर हम ऐसा कहेंगे तो कल कोई भी कह सकता है कि आदित्य ठाकरे के पास बीस विधायक हैं, वे विधायक के गले पड़े हैं। यह किसके कहने का मतलब है? और हम शिंदे सेना के विधायकों का क्या करना चाहते हैं? वे हमारे हैं। शिंदे सेना हमारी मित्र पार्टी है, वही असली शिवसेना है।”
सीएम ने कहा, “तो हम उनके विधायकों का क्या करना चाहते हैं, हम ऐसी पॉलिटिक्स नहीं करते। बल्कि, शिवसेना मजबूत हो, इसके लिए हम उनके पीछे मजबूती से खड़े हैं। और निश्चित रूप से भविष्य में, हम शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी और हमारे ग्रैंड अलायंस को और भी मजबूत होते देखेंगे।”




