नागपुर समाचार : नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव के परिणाम ३ दिसंबर को आने थे लेकिन अब अदालत ने अन्य सीटों के चुनाव होने के बाद २१ दिसंबर को रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की गड़बड़ी के चलते नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजे टल गए हैं।
जिन स्थानों पर मामले न्यायालय में लंबित थे, केवल उन्हीं क्षेत्रों के चुनाव आगे बढ़ाए जाने चाहिए थे लेकिन गलत तरीके से सभी चुनाव आगे बढ़ा दिए गए जिसके कारण अब सभी नतीजे देर से आएंगे। इससे उम्मीदवारों में निराशा फैल गई है और सभी दलों के नेताओं ने विरोध व्यक्त किया है। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार ने कई बार निर्वाचन आयोग से चर्चा की, पत्राचार भी किया लेकिन आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह गड़बड़ी समझ से परे है। आगे भी चुनाव बड़े पैमाने पर होने वाले हैं, इसलिए आयोग को यह भ्रम दूर करना ही होगा।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने भी राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने जो गलती की है उसे सुधारना ही चाहिए। राज्य की जनता को असमजस में डालना उचित नहीं है। हम २५ वर्षों से चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन ऐसी गड़बड़ी कभी नहीं देखी। आयोग पहली बार इतनी बड़ी चूक कर रहा है, इसलिए हमने तीव्र नाराजगी व्यक्त की है।
बावनकुले ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विपक्षी दल के कुछ नेता राज्य सरकार पर हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे है परंतु आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। इसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की बात ही नहीं है। हर बात में राजनीति करना उचित नहीं। उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाताओं ने बड़े उत्साह से मतदान किया है और यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने महायुति और भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। पृथ्वीराज चव्हाण के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे भ्रम फैला रहे हैं, बौखला गए है। उनके बयान हमेशा की तरह बेअसर साबित होते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व में अपार विश्वास अर्जित किया है। सुप्रिया सुले के आरोपों पर कहा कि उन्हें अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए। यदि कुछ घटनाएं हुई भी ही तो उनकी जांच होगी लेकिन सभी मतदाताओं को दोषी ठहराना बेहद गलत है। मतदाताओं ने पैसे लिए, ऐसा बयान उचित नहीं है।




