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नागपुर समाचार : शहर में बोगस पत्रकारों का आतंक, श्रमजीवी पत्रकार संघ ने पुलिस आयुक्त से की कठोर कार्रवाई की मांग

नागपुर समाचार : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमजीवी पत्रकार संघ नागपुर शहर/ग्रामीण ने शहर में बढ़ रहे फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संघ के जिलाध्यक्ष अमित दुबे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और स्वयं घोषित पत्रकारों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और सच्चाई का आईना होती है। खोजी पत्रकारिता के माध्यम से कई बार पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दबे हुए सच को सामने लाया है। लेकिन वर्तमान में शहर में कुछ लोग बिना किसी योग्यता और डिग्री के खुद को पत्रकार बताकर गले में प्रेस कार्ड लटकाए घूम रहे हैं। ये लोग होटल, सिनेमाघर, यातायात कार्यालय और पीडब्ल्यूडी विभाग में जाकर रौब झाड़ते हैं और विज्ञापन के नाम पर धन उगाही करते हैं।

संघ ने आरोप लगाया कि मुन्ना और मोहम्मद आरिफ जैसे नामों से कुख्यात कई फर्जी पत्रकार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इनमें से एक पर कुछ वर्ष पहले अंबाझरी पुलिस थाने में धारा 384, 385, 506 के तहत डराने, धमकाने और वसूली का मामला दर्ज हो चुका है। इसके अलावा इन पर पहले भी कई संगीन अपराध दर्ज हैं।

अमित दुबे ने बताया कि इन बोगस पत्रकारों की वजह से जनता अब ईमानदार और डिग्रीधारी पत्रकारों को भी शक की नजर से देखने लगी है। दिन-रात सच्ची खबर के लिए मेहनत करने वाले, खान-पान छोड़कर बीमारी का शिकार होने वाले पत्रकारों को इन फर्जी लोगों के कारण बदनाम होना पड़ रहा है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कई फर्जी पत्रकार दसवीं भी पास नहीं हैं, पत्रकारिता की डिग्री तो दूर की बात है। फिर भी ये लोग अधिकारियों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर डालते हैं और थानों के आसपास 24 घंटे मंडराते रहते हैं। पुलिसकर्मियों को काम के दौरान वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले भी सामने आए हैं।

सभी पुलिस थानों और सरकारी कार्यालयों में आने वाले पत्रकारों की डिग्री, इंटर्नशिप लेटर और पहचान पत्र की सख्त जांच की जाए। फर्जी पत्रकारों का थानों में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। पुलिस परिषद के माध्यम से सभी दैनिक समाचार पत्र, न्यूज चैनल और न्यूज पोर्टल के संपादकों को आदेश जारी किया जाए कि केवल योग्य और प्रशिक्षित व्यक्तियों को ही प्रेस कार्ड जारी करें। शहर में खुले आम घूम रहे स्वयं घोषित पत्रकारों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

जिलाध्यक्ष अमित दुबे ने कहा कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो इन फर्जी पत्रकारों के हौसले और बुलंद होंगे। पुलिस को चाहिए कि वह अपराध की जानकारी केवल अधिकृत पत्रकारों को ही दे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके और सच्चे पत्रकारों की साख बची रहे।

ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृहमंत्री महाराष्ट्र राज्य, पुलिस उपायुक्त अपराध शाखा नागपुर शहर तथा शहर के सभी थाना प्रभारियों को भी भेजी गई है। इस अवसर पर संघ के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।