

नागपुर समाचार : सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में तबादला और पद स्थापना को लेकर ‘राजनीति’ गहराने लगी है. विभागीय स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. शशिकांत शंभरकर के कामकाज पर कर्मचारी संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है. वहीं दूसरी ओर पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने स्वास्थ्य राज्य मंत्री को पत्र लिखकर केवल चंद्रपुर में तबादला प्रक्रिया रोकने की मांग की है. मुनगंटीवार ने पत्र लिखा है कि जिला मलेरिया कार्यालय चंद्रपुर में 65 कर्मचारी हैं.
यह सभी कर्मचारी वर्ग-3 के हैं. इनमें केवल 25 कर्मचारियों को जिले में रखा गया है, जबकि 40 को विभाग के अन्य जिलों में भेजा गया है. तबादले से पहले तक 60 पद खाली थे लेकिन अब यह संख्या 100 तक पहुंच गई है. वन क्षेत्र जिला होने से संक्रामक रोगों का प्रकोप अधिक होता है. कर्मचारियों के तबादले के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पारिवारिक परिस्थितियों और उनके विकल्पों को महत्व नहीं दिया गया है. महाराष्ट्र राज्य हिवताप निर्मूलन कर्मचारी मध्यवर्ती संगठन ने 21 मई को सरकार और प्रशासन को नोटिस देकर पुनर्विचार की मांग की गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई.
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डीएस पवार के नेतृत्व में नागपुर समेत सभी जिलों के कर्मचारियों ने स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. शशिकांत शंभरकर से मुलाकात की. इस समय बताया गया कि तबादले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार किए गए हैं. संगठन ने मांग की कि तबादलों का पुनः समुपदेशन कराया जाए और कर्मचारियों को उनकी पसंद के अनुसार पदस्थापना दी जाए, अन्यथा संबंधित तबादलों को रद्द किया जाए.





