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नागपुर समाचार : देश के पहले CBG प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया निरीक्षण

पालकमंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले एवं महापौर श्रीमती निता ठाकरे की प्रमुख उपस्थिति

नागपुर समाचार : नागपुर महानगरपालिका द्वारा शहर के ठोस कचरा प्रबंधन हेतु भांडेवाड़ी क्षेत्र में देश का पहला ‘ड्राय डाइजेशन’ आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण राज्य के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने, राज्य के राजस्व मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री श्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा महापौर श्रीमती निता ठाकरे के साथ शनिवार (30 मई) को किया।

निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रकल्प नागपुर के पर्यावरण एवं स्वच्छता के दृष्टिकोण से अत्यंत क्रांतिकारी सिद्ध होगा।

निरीक्षण के दौरान विधायक श्री कृष्णा खोपड़े, विधायक श्री प्रवीण दटके, उपमहापौर श्रीमती लीला हातिबेड़े, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी वखरे, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री प्यारे खान, स्वास्थ्य विशेष समिति सभापति श्रीमती मनीषा अतकरे, अधीक्षक अभियंता श्रीमती श्वेता बनर्जी, सहायक आयुक्त श्री विकास रायबोले, कार्यकारी अभियंता श्री राजेश दुफारे, जोन सभापति श्रीमती उमा देशमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

नागपुर महानगरपालिका एवं नीदरलैंड की सुसबिडी कंपनी के सहयोग से भांडेवाड़ी में 30 एकड़ भूमि पर यह प्रकल्प स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि यह परियोजना तीन चरणों में कार्यान्वित की जाएगी। पहले चरण में 400 टन, दूसरे चरण में अतिरिक्त 400 टन तथा अगस्त 2026 तक कुल 1200 टन कचरे पर वैज्ञानिक प्रक्रिया करने की क्षमता विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से कचरे से मूल्यवान उप-उत्पाद प्राप्त किए जाएंगे। प्रतिदिन लगभग 28 टन गैस, 120 टन उच्च गुणवत्ता वाला जैविक खाद तथा लगभग 400 टन RDF (Refuse Derived Fuel) का उत्पादन होगा, जिसका उपयोग सीमेंट उद्योग एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों में ईंधन के रूप में किया जाएगा।

इस परियोजना की विशेषता यह है कि यह पूर्णतः निजी निवेश से विकसित की गई है, जिसके लिए महानगरपालिका को किसी भी प्रकार की ‘टिपिंग फीस’ नहीं देनी पड़ेगी। लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह मॉडल देश के लिए आदर्श साबित होगा।

भांडेवाड़ी की दुर्गंध से नागरिकों को मिलेगी राहत

वर्षों से पूर्व नागपुर के नागरिकों के लिए समस्या बने भांडेवाड़ी के कचरे के ढेर एवं उससे उत्पन्न दुर्गंध अब समाप्त होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन से चार महीनों में इस क्षेत्र की दुर्गंध पूरी तरह खत्म हो जाएगी तथा एक वर्ष में कचरे के ढेर समाप्त होकर भूमि साफ हो जाएगी।

इस परियोजना के पूर्ण होने से नागपुर शहर स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।

परियोजना की जानकारी देते हुए आयुक्त डॉ. विपिन ने बताया कि आगामी दो वर्षों में शहर को डंपिंग मुक्त बनाने का लक्ष्य है। वहीं महापौर श्रीमती निता ठाकरे ने मुख्यमंत्री के साथ परियोजना पर विस्तृत चर्चा की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पहले परियोजना की प्रतिकृति के माध्यम से जानकारी ली, तत्पश्चात टनल एवं कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया।