- Breaking News, आंदोलन, नागपुर समाचार

नागपूर समाचार : ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध, सफल रहा दवा संगठनों का एक दिवसीय ‘बंद’

नागपुर समाचार : ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट, महाराष्ट्र स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन तथा नागपुर डिस्ट्रक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में किए गए एक दिवसीय बंद आंदोलन का बुधवार को नागपुर में सफलतापूर्वक पालन किया गया. दवा दुकानदारों ने बंद के समर्थन में दिन भर दुकानें बंद रखीं. साथ ही इस अवसर पर संविधान चौक पर सुबह 10 बजे विरोध प्रदर्शन भी किया गया. सर्वप्रथम डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.

इस दौरान संगठनों के सदस्यों ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री तथा चेन शॉपी द्वारा दिए जाने वाले अव्यावसायिक डिस्काउंट का कड़ा विरोध व्यक्त करते हुए रोगियों की सुरक्षा और अवैध व अनियंत्रित ऑनलाइन दवा वितरण प्रणाली से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर अपना रोष जताया. प्रदर्शन में एमएससीडीए एवं एनडीसीडीए और एमएसपीसी के पदाधिकारी मुकुंद दुबे, राजीव उखरे, संजय खोब्रागड़े, दिनेश कुकरेजा, श्याम चरोडे, पुनीत ठक्कर, नंदकिशोर टापरे, मनीष मेहाड़‌या, हरीश गणेशानी, राजेंद्र कावड़कर, श्याम परतानी, सोनाली पडोले, दीप्ति पडोले, मृणाली मलगडे सहित सभी कार्यकारिणी सदस्य इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. इसके बाद संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट व्यवसायियों की मांगों और समस्याओं से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय तथा अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में सौंपा.

मरीजों की सहायता के लिए आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराई

हड़ताल के दौरान रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एनडीसीए द्वारा आपातकालीन दवा सेवा एवं रोगियों की सहायता के लिए 60 संपर्क नंबर एफडीए विभाग को उपलब्ध कराए गए थे. इससे रोगियों और उनके परिजनों को कुछ हद तक मदद मिली. हड़ताल के बावजूद नागपुर डिस्ट्रक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने यह सुनिश्चित किया कि रोगियों की सेवा प्रभावित न हो. एफडीए विभाग को दिए गए आपातकालीन नंबर की मदद से रोगियों को दवाइयां उपलब्ध कराई गई. इसके साथ ही अस्पतालों से संबद्ध मेडिकल स्टोर रोगियों के लिए खुले रखे गए.

करोड़ों रुपए का नुकसान

बताया गया कि इस एक दिवसीय बंद के चलते नागपुर जिले के दवा व्यवसायियों को करोड़ों रुपए व्यावसायिक नुकसान हुआ है. इसके अलावा दवा व्यापार पूर्णतः बंद रहने के कारण सरकार को भी लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. संगठन के इस आंदोलन को सफल बनाने वाले नागपुर जिले के सभी दवा व्यवसायी सदस्यों का सहयोग और समर्थन के लिए संगठन की तरफ से आभार व्यक्त किया गया.