आईएमएफ एवं ताजाबाद ट्रस्ट का ‘सद्भावना, एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ आयोजित
नागपुर समाचार : नागपुर इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन (आईएमएफ) दिल्ली एवं हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘सद्भावना, एक भारत श्रेष्ठ भारत’ सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यसभा सांसद एवं आईएमएफ के संयोजक सतनाम सिंह संधु ने कहा, पूरी दुनिया के देशों में शांति कैसे स्थापित हो, इसके लिए जी-20 जैसे सम्मेलन कर चर्चा की जा रही है. बाबा ताजुद्दीन की दरगाह से भी हमें सीखना है कि कैसे प्यार मोहब्बत बढ़े. ताजाबाद की दरगाह दुनिया में एक ऐसी जगह है जिसकी ट्रस्ट में हिंदू-मुस्लिग, सिख, पारसी सभी धर्मावंबी शामिल है. इसलिए भी यह दरगाह पूरी दुनिया के लिए सद्भावना की मिसाल है.

यहां आने वाले हर इंसान की दुआ कुबूल होती है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी लोगों ने हाथ उठाकर दुआ की है. संधु ने कहा कि पीएम मोदी की विशेषता है कि वे उस व्यक्ति का हाथ पकड़ते है जो कतार में सबसे पीछे खड़ा होता है. संधु ने कहा कि मैं भी उसी में से एक हूं. मैंने कभी राजनीति नहीं की. लेकिन आज उन्होंने मुझे मॉइनारिटी की आवाज बनने का अवसर दिया.

इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से आईएमएफ की संस्थापक हिमानू सूद, अजमेर दरगाह के गद्दीनशीं सलमान चिश्ती, हजरत बाबा ताजुद्दीन ट्रस्ट के चेयतमैन प्यारे जिया खान, उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र जिचकार, सचिव ताज अहमद राजा, ट्रस्टी हाजी फारुखभाई बावला, बुर्जिन रंडेलिया, हाजी इमरान खान, गजेंद्रपाल सिंह लोहिया, मुस्तफा टोपीवाला मंचासीन थे. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभूतियों का सत्कार भी किया गया. परिसर में स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित हुआ.
प्रधानमंत्री की सलामती लिए दुआ में उठे हाथ
सम्मेलन से पूर्व बाबा ताजुद्दीन की मजार पर इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन की ओर से चादर पेश की गई. पश्चात ताजाबाद परिसर में गरीब, जरूरतमंदों के लिए स्थापित किए गए हजरत बाबा ताजुद्दीन मल्टीस्पेशलिटी चिरटेबल अस्पताल का उद्घाटन सतनाम सिंह संधु के हाथों हुआ. यहां डायलिसि सेंटर भी उद्घाटित किया गया. इस के दौरान सभी उपस्थितों ने हाथ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलामती के लिए दुआ मांगी.
पूरी दुनिया कर रही भारत का स्वागत
सलमान चिश्ती साहब अजमेर दरगाह के गद्दीनशीन सलमान चिश्ती साहब ने कहा सूफियों के आस्ताने से सदियों से अमन का पैगाम दिया जा रहा है. आज हम इसी पैगाम को लिए यहां एकजुट हुए है. ख्वाजा गरीबनवाज ने हमें तालीम दी है कि ‘रब के करीब ‘खिदमते खल्क’ से पहुंचा जा सकता है. इसके लिए सूरज, जमीन और बहते हुए पानी की तरह बनना होगा, क्योंकि यह कभी किसी से उनका मजहब, जाति, स्थल नहीं पूछते. इसी पैगाम को लिए पूरी दुनिया में एक मजबूत लीडरशिप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंच रहे हैं. आज पूरी दुनिया में भारत की लीडरशिप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में जिस तरह से स्वागत किया जा रहा है, यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. हमें दरगाहों, खानकाहों से इसी पैगाम को पूरी दुनिया में पहुंचाने में भागीदार बनना है. एकता में अनेकता ही हमारे देश की विशेषता है.
सूफी कॉटिडोर से एकजुट होंगे लोग
प्यारे खान ताजाबाद ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी सूफी स्थलों को जोड़ने के लिए देश में सूफी कॉरिडोर बनाना चाहते है. इस बारे में बोलने वाले वे देश के पहले पीएम है, क्योंकि वह सभी समुदायों को एक साथ लाना चाहते है. देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उनकी यह पहल बहुत सराहनीय है. हम सभी को उनके इस अभियान में शामिल होकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना चाहिए. मुस्लिम समाज इसमें पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है.



