उमरेड समाचार : भिवापुर तहसील के मांडवा (बंजारा) गांव निवासी किसान नागराम राठोड़ (६२) ने हमेशा फसल की कमी, कर्ज का बोझ एवं खेती के लिए आने वाली समस्याओं से तंग आकर आत्महत्या करने की दुर्दैवी घटना घटी।
बताया गया कि मृतक किसान नागराम राठोड़ के पास केवल ३ एकड़ खेती थी। उसके ऊपर बैंक का ८० हजार रुपये फसल कर्ज बकाया था। ऐसे में कुछ दिनों पूर्व उसकी पत्नी की मृत्यु हुई थी। उसका बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ था। हमेशा फसल की कमी के कारण उस पर आर्थिक संकट बढ़ते गया था।
खरीफ मौसम मुंह पर आने के बावजूद बीज और खाद खरीदी करने के लिए पैसों की तंगी थी। नया कर्ज नहीं मिलने से वह चिंतित था। उसके परिवार में दो बेटे एवं बहू ऐसा परिवार है। इसके पूर्व उसके परिवार का गुजर बसर तीन एकड़ खेत पर निर्भर था। बेटे मजदूरी कर अपना गुजर बसर करते है। ऐसी आर्थिक दुविधा के कारण नागराम ने आत्महत्या जैसा कदम उठाकर अपनी जीवनयात्रा समाप्त कर ली।
पूर्व विधायक राजू पारवे ने नागराम के मांडवा (बंजारा) गांव जाकर उसके परिवार से सांत्वना भेंट की। उन्होंने खुद आर्थिक मदद की। राजस्व अधिकारियों से चर्चा कर उनके परिवार को तत्काल शासकीय मदद देने की सूचना की।




