नागपुर समाचार : प्रतिवर्ष महाराष्ट्र सरकार की ओर से जिला परिषद प्राथमिक शाला के छात्रों को गणवेश का वितरण निशुल्क किया जाता है लेकिन इस वर्ष सरकार ने महंगाई का बहाना कर २० प्रतिशत कटौती कर दी और केवल २४० रुपये भेजकर गणवेश बाहर से खरीदने के निर्देश दिए। बड़े पैमाने पर महंगाई होने से गणवेश शुल्क में वृद्धि करने की बजाय कटौती का कार्य किया गया। सरकार ने गरीब छात्रों का मजाक उड़ाने का कार्य किया है। छात्रों का मजाक उड़ानेवाली सरकार के खिलाफ मनसे जिलाध्यक्ष आदित्य दुरुगकर के नेतृत्व में अर्धनग्न होकर भीख मांगों आंदोलन किया गया।
इस मौके पर २४० रुपये में गणवेश खरीदा जा सकता है क्या? २४० रुपये में खरीदे गाए गणवेश की क्वालिटी क्या होगी?, सरकार की इस उदासीन नीति के चलते छात्रों को बिना गणवेश के स्कूल में पहले दिन प्रवेश दिया जाएगा या नहीं? ऐसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षण अधिकारी के जरिये शिक्षण मंत्री को भीख में मिले पैसे तथा निवेदन भेजा गया। इस मौके पर दुरुगकर के साथ कई मनसैनिक उपस्थित थे।




