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नागपूर समाचार : बुद्धिस्ट बिजनेस कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध की जरूरत

नागपूर समाचार : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बौद्ध और एससी/एसटी एंटरप्रेन्योर्स को प्रेरित करते हुए कहा कि दुनिया को युद्ध की नहीं, बुद्ध की जरूरत है. भारत को नौकरी मांगने वाले युवाओं की नहीं, नौकरी देने वाले एंटरप्रेन्योर्स की जरूरत है. वे बुद्धिस्ट एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीईएसीआई) की ओर से आयोजित बुद्धिस्ट बिजनेस कॉन्क्लेव में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने उद्यमिता, सकारात्मक विचार और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया.

इस अवसर पर सहयोग ग्रुप के सीएमडी जयेश रामाडे, पिरामिड ग्रुप के सीएमडी गुणवंत देवपारे और प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन के सीएमडी सुशील पाटिल का विशेष अतिथि के रूप में सम्मान किया गया.

कभी रोने में समय बर्बाद नहीं किया

गडकरी ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि मेरा फोकस पढ़ाई पर नहीं बल्कि सपनों पर था. मुझे लगा कि मुझे नौकरी देने वाला बनना चाहिए, नौकरी ढूंढने वाला नहीं. मेरी जाति (ब्राह्मण) के लिए कोई आरक्षण नहीं था, फिर भी मैंने कभी रोने में समय बर्बाद नहीं किया. नागपुर के ऑरेंज क्लस्टर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह एससी समाज का क्लस्टर है लेकिन क्वालिटी इतनी बढ़िया है कि रिलायंस भी उनसे कपड़े खरीदता है. नागपुर के एक मशहूर होटल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ब्राह्मण भी यहां बिरयानी खाने आते हैं क्योंकि स्वाद और क्वालिटी बहुत बढ़िया होती है, इसलिए बिजनेस कोई भी हो, क्वालिटी बनाए रखें. भले ही आपको आरक्षण मिलता रहे, आपको अपनी काबिलियत साबित करनी होगी.

नितिन गडकरी ने युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना छोड़कर एंटरप्रेन्योरशिप की ओर रुख करने की सलाह दी. बाहिए में इंडस्ट्री और देने वाले बनो, नौकरी ढूंढने वाले नहीं. नौकरियों में लिमिट होती है लेकिन एंटरप्रेन्योरशिप में आसमान भी छोटा है. इनोवेशन, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और लगातार नॉलेज ग्रोथ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मैं कई फील्ड में काम करता हूं. मैं प्लास्टिक, एग्रीकल्चर, फर्टिलाइजर और इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर काम कर रहा हूं. बिजनेस में उतार-चढ़ाव आते हैं लेकिन कभी हिम्मत मत हारो. गडकरी ने जोर दिया, रोने में मजा मत ढूंढो, कड़ी मेहनत में मजा ढूंढो. सकारात्मक, विश्वास, क्रेडिबिलिटी, स‌द्भावना और ईमानदारी बनाए रखो. एक ब्रांड बनाओ, शॉर्टकट न अपनाओ. उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी है. अब आपके लिए जीनियस और बेहतरीन बनने का समय है.