नागपुर समाचार : लोकसभा, विधानसभा चुनाव के बाद अब मनपा चुनाव में भी विधायक कृष्णा खोपड़े के पूर्व नागपुर ने फिर एक बार यह दिखा दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘कांग्रेसमुक्त देश’ के प्रण को पूर्ण करने की ताकत केवल उसमें ही है। मनपा की पूर्व नागपुर इलाके में आनेवाली कुल २७ में से २४ सीटों पर पूर्व नागपुर की जनताने भाजपाई उम्मीदवारों को जीत दिलाई। जो ३ सीटें भाजपा ने गंवाई, उनमें से २ की हार का अंतर बेहद कम था।
खास बात यह रही कि पूर्व नागपुर, जो कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, वहां से कांग्रेस को केवल एक सीट मिली। एक सीट पर राकांपा की आभा पांडे और एक अन्य पर शिवसेना की मंगला गवरे ने चुनाव जीता। एक बार फिर यह साबित हो चुका है कि पूर्व नागपुर में भाजपा के अलावा अन्य किसी को जनता भाव नहीं देती। यह विधायक कृष्णा खोपड़े की भलमनसाहत का परिणाम है।
साफ-सुथरा कार्य, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, राजस्व व पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुल के सहयोग से पूर्व नागपुर में लगातार बह रही विकास की गंगा ने जनता को भाजपा का कायल बना दिया है।
जनता की निस्वार्थ सेवा करने का खोपड़े का संकल्प उन्हें लगातार नित नई उंचाइयों की ओर ले जा रहा है। मनपा चुनाव में अपने लाडले पुत्र रोहित खोपड़े की जगह अपने मानसपुत्र संजय अवचट को तरजीह देने का बड़प्पन, उम्मीदवारों का सटीक चयन पूर्व में भाजपाई जीत का सबसं बड़ा कारण बना है।
अब चूंकि पूर्व नागपुर से भाजपा के सर्वाधिक २४ नगरसेवक चुनकर आए हैं, अतः जाहिर तौर पर महत्वपूर्ण पदों पर भी पूर्व नागपुर के नगरसेवकों का ही हक रहेगा। किसे क्या मिलता है, भाउ क्या और कौनसा पद खींचकर लाते हैं, यह देखना रोचक होगा।




